CG Govt Jobs 2026: रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी महकमों में शासकीय सेवा की तैयारी कर रहे सूबे के लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी विधिक खबर सामने आई है। राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने भर्ती प्रक्रियाओं और प्रशासनिक ढांचे में एक युगांतरकारी व कस्टमाइज्ड सुधार करते हुए प्रदेश के 38 विभिन्न सरकारी पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के विधिक मानदंडों को पूरी तरह अपग्रेड कर दिया है। जीएडी द्वारा जारी नवीनतम आधिकारिक विधिक अधिसूचना के अनुसार, ये नए नियम तत्काल प्रभाव से समूचे राज्य में लागू माने जाएंगे। इस नए विधिक संशोधन के तहत सबसे बड़ा बदलाव लिपिकीय (Clerical) और चतुर्थ श्रेणी (Class-IV) के पदों पर किया गया है, जिसके बाद अब पारंपरिक रूप से चली आ रही कम शैक्षणिक योग्यता वाली व्यवस्था इतिहास का हिस्सा बन गई है।
चतुर्थ श्रेणी पदों में ‘डिजिटल युग’ का बड़ा बदलाव; भृत्य और चौकीदार के लिए भी 12वीं पास जरूरी
शासकीय कार्यालयों में तेजी से पैर पसार रहे आधुनिक डिजिटलाइजेशन, कंप्यूटर आधारित कार्यप्रणाली और ई-गवर्नेंस (E-Governance) के विधिक प्रारूपों को ध्यान में रखते हुए शासन ने चतुर्थ श्रेणी के संवर्गों को पूरी तरह कस्टमाइज्ड किया है:
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योग्यता में भारी वृद्धि: अब तक राज्य में भृत्य (Peon), चौकीदार, स्वीपर, माली और प्रोग्रेसर जैसे पदों के लिए विधिक योग्यता क्रमशः 5वीं, 8वीं या अधिकतम 10वीं पास निर्धारित थी।
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नया विधिक मापदंड: नए नियमों के लागू होने के बाद, अब इन सभी पदों पर सीधी भर्ती के लिए उम्मीदवार का न्यूनतम 12वीं (Higher Secondary) पास होना विधिक रूप से अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना कोई भी आवेदक चतुर्थ श्रेणी के इन पदों के लिए विधिक रूप से पात्र नहीं माना जाएगा।
लिपिकीय और कंप्यूटर ऑपरेटर पदों के लिए स्नातक (Graduation) की विधिक कड़ाई
जीएडी द्वारा जारी आदेश के तहत प्रशासनिक दक्षता को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए सहायक ग्रेड-3, कंप्यूटर ऑपरेटर और स्टेनो संवर्ग के विधिक नियमों को और अधिक कड़ा कर दिया गया है:
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डाटा एंट्री एवं कंप्यूटर ऑपरेटर: इन पदों के लिए अब उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) डिग्री उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, एक वर्षीय मान्यता प्राप्त कंप्यूटर डिप्लोमा और 8,000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा की विधिक टाइपिंग गति का प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।
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सहायक ग्रेड-3 और स्टेनो टाइपिस्ट: इन पदों के लिए भी बेस क्वालिफिकेशन स्नातक डिग्री के साथ कंप्यूटर डिप्लोमा और 5,000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा की गति अनिवार्य की गई है। शीघ्रलेखक (Stenographer) पद के लिए स्नातक के साथ-साथ मान्यता प्राप्त बोर्ड से शीघ्रलेखन प्रमाण पत्र भी विधिक रूप से संलग्न करना होगा।
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निरीक्षक और तकनीकी पद: श्रम निरीक्षक (Labour Inspector), उप निरीक्षक, मंडी निरीक्षक और महिला पर्यवेक्षक जैसे महत्वपूर्ण फील्ड पदों के लिए भी किसी भी विषय में स्नातक डिग्री को ही मूल विधिक आधार (Base Qualification) घोषित किया गया है। वहीं वाहन चालकों (Drivers) के लिए 12वीं पास होने के साथ-साथ परमानेंट कमर्शियल/ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य होगा।
वर्ष 2008 से 2025 तक के पुराने नियम स्वतः निरस्त; विभागों की सुस्ती पर जीएडी नाराज
सामान्य प्रशासन विभाग ने इस विधिक आदेश को जारी करने के साथ ही पूर्व के वर्षों— 2008, 2013, 2022 और दिसंबर 2025 में जारी किए गए शैक्षणिक योग्यता संबंधी तमाम पुराने नियमों और कस्टमाइज्ड संशोधनों को पूरी तरह निरस्त (Null and Void) कर दिया है। विभाग ने साफ किया है कि यदि किसी प्रशासनिक विभाग ने अपने विभागीय भर्ती नियमों (Recruitment Rules) में अभी तक औपचारिक संशोधन नहीं भी किया है, तब भी जीएडी का यह नया विधिक नियम वहां स्वतः लागू माना जाएगा।
समय सीमा बीतने पर नाराजगी: इस विधिक बदलाव के साथ ही जीएडी ने राज्य के सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और विभागीय सचिवों को कड़ा पत्र लिखकर अपनी प्रशासनिक नाराजगी दर्ज कराई है। दरअसल, विभिन्न विभागों से उनके यहां रिक्त और स्वीकृत पदों की शैक्षणिक योग्यता संबंधी कस्टमाइज्ड जानकारी भेजने के लिए 25 मई 2026 की अंतिम विधिक तिथि तय की गई थी, जिसे कई विभागों ने अनसुना कर दिया।
जीएडी ने दोटूक शब्दों में कहा है कि चूंकि 24 मार्च को जारी प्राथमिक पत्र के आधार पर ‘समान पदों के लिए समान योग्यता’ के विधिक सिद्धांत पर पहले ही सहमति बन चुकी थी, अतः अब बिना किसी अतिरिक्त प्रतीक्षा के इस नई उन्नत योग्यता प्रणाली को संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में तत्काल प्रभाव से विधिक रूप से लागू किया जा रहा है। आने वाले विज्ञापनों में अब युवाओं को इसी बदली हुई विधिक योग्यता के अनुसार ही आवेदन करने का अवसर मिलेगा।









