भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किन्नर समुदाय से जुड़ा एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक निर्णय सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर किन्नर समुदाय अपने अलग ‘शंकराचार्य’ की घोषणा करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक घोषणा के लिए भोपाल के लालघाटी क्षेत्र में विशेष अभिषेक समारोह आयोजित किया जाएगा।
अभिषेक समारोह में होगा ऐलान
किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास ने बताया कि ‘शंकराचार्य’, ‘महंत’ और ‘महामंडलेश्वर’ जैसे धार्मिक पदों की स्थापना समुदाय की धार्मिक पहचान को सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति से जुड़ी अंतिम जानकारी समारोह के दौरान सार्वजनिक की जाएगी।
धर्म परिवर्तन के आरोपों के बीच पहल
समुदाय के नेतृत्व ने आरोप लगाया है कि कुछ क्षेत्रों में किन्नर समाज के लोगों के धर्म परिवर्तन की घटनाएं सामने आई हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए महाशिवरात्रि के दिन बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के हिंदू धर्म में पुनः शामिल होने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आधिकारिक रूप से नहीं हुई है।
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पुष्कर में स्थापित होगी धार्मिक गद्दी
जानकारी के अनुसार, भोपाल में घोषणा के बाद ‘शंकराचार्य’ की पीठ (गद्दी) राजस्थान के पुष्कर में स्थापित की जाएगी, जहां उनका स्थायी निवास भी होगा। पुष्कर को भगवान ब्रह्मा के प्राचीन मंदिर के कारण विशेष धार्मिक महत्व का स्थान माना जाता है।
सामाजिक-धार्मिक विमर्श तेज
इस निर्णय को लेकर विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ संगठनों ने समुदाय की धार्मिक पहचान के संरक्षण की बात कही है, जबकि अन्य पक्ष इस विषय पर व्यापक संवाद की आवश्यकता जता रहे हैं।
भोपाल में प्रस्तावित यह आयोजन किन्नर समुदाय की धार्मिक संरचना और सामाजिक पहचान को लेकर नए विमर्श को जन्म दे सकता है।









