Bastar Pandum 2026 Jagdalpur : जगदलपुर (09 फरवरी 2026): केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज जगदलपुर के लालबाग मैदान में तीन दिवसीय ‘बस्तर पण्डुम’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए बस्तर को भारत की संस्कृति का ‘आभूषण’ बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ की परंपराएं प्रभु श्री राम के समय से अक्षुण्ण हैं। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि बस्तर पंडुम के शीर्ष विजेताओं को राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन आमंत्रित किया जाएगा, जहाँ वे कला प्रदर्शन के साथ राष्ट्रपति के साथ सहभोज भी करेंगे।
53 हजार कलाकारों ने बिखेरी चमक
तीन दिनों तक चले इस संभाग स्तरीय आयोजन में बस्तर संभाग के 7 जिलों की 1885 ग्राम पंचायतों से आए 53 हजार से अधिक कलाकारों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। 12 अलग-अलग विधाओं में हुए इस मुकाबले ने बस्तर की पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य, वाद्ययंत्र और औषधीय ज्ञान को वैश्विक पटल पर रखने का काम किया है।
31 मार्च 2026: माओवाद की अंतिम समय सीमा
गृहमंत्री शाह ने सुरक्षा और शांति पर जोर देते हुए दोहराया कि जवानों के साहस के बल पर 31 मार्च 2026 तक बस्तर से माओवाद को पूरी तरह उखाड़ फेंका जाएगा। उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई यहाँ की भोली-भाली जनता से नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षा देने के लिए है।” उन्होंने प्रदेश की नई नक्सल पुनर्वास नीति की भी सराहना की।
विकास की नई सुबह: नियद नेल्ला नार योजना
अमित शाह ने बताया कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों के 40 गाँवों में स्कूल फिर से खोले गए हैं, जहाँ अब गोलियों की जगह स्कूल की घंटियाँ सुनाई देती हैं। ‘नियद नेल्ला नार’ (आपका अच्छा गाँव) योजना के माध्यम से सड़क, पुल, मोबाईल टॉवर और राशन जैसी बुनियादी सुविधाएं दूरस्थ अंचलों तक पहुँच रही हैं।
बस्तर के लिए बड़ी सौगातें
-
औद्योगिक क्षेत्र: बस्तर जिले में 118 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र बनेगा।
-
बिजली एवं सिंचाई: दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में 220 मेगावाट बिजली उत्पादन और 2.75 लाख एकड़ में सिंचाई परियोजना शुरू होगी।
-
कनेक्टिविटी: रेल परियोजनाओं और नदी जोड़ो परियोजना का विस्तार कर बस्तर को मुख्यालयों से जोड़ा जाएगा।
संभावनाओं की भूमि बना बस्तर: मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर अब संभावनाओं की भूमि है। उन्होंने ‘धुड़मारास’ गाँव को यूएन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गाँव घोषित किए जाने पर गर्व जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बस्तर की चर्चा नक्सलवाद के लिए होती थी, लेकिन अब यहाँ के होम-स्टे, ट्रेकिंग और इको-टूरिज्म की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी बस्तर की सांस्कृतिक विशिष्टता और विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता साझा की। इस दौरान माँ दंतेश्वरी की आराधना के साथ कलाकारों ने मांदर की थाप पर भव्य प्रस्तुतियां दीं।













