जबलपुर: पाँच जून 2025 को हुई शिवांश गुप्ता की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मृतक के पिता संतोष गुप्ता और उनकी पत्नी ने मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के प्रतिनिधियों के साथ एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा से मुलाकात कर मामले में हत्या की आशंका जताई है। परिजनों का कहना है कि शिवांश की मौत को आत्महत्या बताना वास्तविकता से परे है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
परिजनों ने रखे अहम तथ्य और संदिग्ध नाम
मुलाकात के दौरान परिवार ने कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के नामों के साथ कई महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी पुलिस अधिकारी को दी। उनका आरोप है कि अब तक की जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है, जिससे सच्चाई सामने आने में देरी हो रही है। परिजनों ने मामले की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच की मांग की।
जांच की कमियों पर उठाए सवाल
परिवार ने यह भी कहा कि प्रारंभिक जांच में कई प्रक्रियात्मक खामियां रही हैं। उनका मानना है कि यदि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जाए तो घटना के पीछे की वास्तविक साजिश सामने आ सकती है। इसी कारण उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोबारा विस्तृत जांच कराने का अनुरोध किया।
एडिशनल एसपी ने दिया निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा
एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि मामले की गहन, निष्पक्ष और सशक्त जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
मानव अधिकार संगठन ने जताया सहयोग
इस अवसर पर मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। संगठन की ओर से डॉ. अमित सिसोदिया के मार्गदर्शन में डॉ. अजय वाधवानी, एडवोकेट आशीष त्रिपाठी, डॉ. अभिषेक जैन और एडवोकेट भावना निगम ने परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।मामले को लेकर शहर में चर्चा तेज हो गई है और अब सभी की नजरें पुलिस जांच की दिशा और उसके परिणाम पर टिकी हैं।











