भोपाल: जयपुर की एक फैशन डिजाइनर द्वारा लगाए गए शोषण और आर्थिक ठगी के आरोपों के बाद राज्य पुलिस सेवा (RPS) अधिकारी राजेश मिश्रा के खिलाफ बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। पुलिस मुख्यालय ने उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाकर पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (PTRI) में पदस्थ कर दिया है। राजेश मिश्रा आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे।
CID जांच में सही पाए गए आरोप
पीड़ित युवती ने इस मामले की शिकायत सीधे मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) से की थी। शिकायत के साथ होटल बिल, चैट रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज भी भेजे गए थे। DGP के निर्देश पर मामले की जांच CID को सौंपी गई, जिसमें प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने राजेश मिश्रा को PHQ से हटाने का आदेश जारी किया।
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30 लाख रुपए ठगने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राजेश मिश्रा जयपुर प्रवास के दौरान एक होटल में रुके थे, जहां उन्होंने युवती से करीब 30 लाख रुपए के खर्च का भुगतान करवाया। आरोप है कि उन्होंने भरोसा दिलाया था कि भोपाल लौटने के बाद भुगतान कर देंगे, लेकिन बाद में फोन उठाना बंद कर दिया।
पत्नी और बेटी की शॉपिंग का भी आरोप
युवती ने यह भी आरोप लगाया है कि राजेश मिश्रा ने अपनी पत्नी और बेटी की शॉपिंग का लाखों रुपए का बिल भी उसी से भुगतान करवाया। नवंबर महीने में यह शिकायत भोपाल पहुंची थी, जिसके बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
IPS बनने की राह में बड़ी बाधा
जानकारी के अनुसार, राजेश मिश्रा को अगले 2 से 3 वर्षों में IPS अवार्ड होने की संभावना थी। लेकिन इस मामले और CID की रिपोर्ट के बाद उनका IPS कैडर मिलना मुश्किल माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू हो सकती है।
विभाग की साख पर असर
इस पूरे प्रकरण ने राज्य पुलिस सेवा की साख पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और आगे की कार्रवाई CID की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।











