Rewa Police vs Lawyers : रीवा: जिला न्यायालय परिसर के भीतर यातायात पुलिस की कार्रवाई और एक अधिवक्ता के साथ हुई कथित मारपीट के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। गुरुवार को रीवा बार एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों अधिवक्ताओं ने एसपी कार्यालय का घेराव किया। अधिवक्ताओं का आक्रोश विशेष रूप से यातायात थाना प्रभारी अनिमा शर्मा के खिलाफ था, जिन पर न्यायालय परिसर की गरिमा भंग करने और एक वकील के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे हैं।
विवाद की मुख्य वजह: रीवा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र पांडे के नेतृत्व में पहुंचे वकीलों ने बताया कि शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है, लेकिन पुलिस का ध्यान केवल वसूली और अधिवक्ताओं को प्रताड़ित करने पर है। हाल ही में यातायात पुलिस ने न्यायालय परिसर के भीतर खड़े अधिवक्ताओं के वाहनों में ‘व्हील कैच’ लगाकर चालानी कार्रवाई की, जो वकीलों के अनुसार उनके कार्यक्षेत्र में अनावश्यक हस्तक्षेप है।
मारपीट और झूठे केस का आरोप: पीड़ित अधिवक्ता विकास पटेल ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि यातायात थाना प्रभारी अनिमा शर्मा ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि सिविल लाइंस थाने में उनके खिलाफ एक झूठा मुकदमा भी दर्ज करा दिया। विकास का दावा है कि उन्होंने बार-बार अपना परिचय पत्र दिखाया और खुद को अधिवक्ता बताया, लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी।
अल्टीमेटम और पुलिस का पक्ष: ज्ञापन सौंपने के बाद अध्यक्ष राजेंद्र पांडे ने कड़े शब्दों में कहा, “अगर पुलिस प्रशासन ने तत्काल यातायात थाना प्रभारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले समय में पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच होने वाले किसी भी हिंसक टकराव या अप्रिय घटना के लिए सीधे तौर पर जिले के एसपी जिम्मेदार होंगे।”
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी आरती सिंह ने अधिवक्ताओं से ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
“पूरे शहर का यातायात भगवान भरोसे है, लेकिन थाना प्रभारी कोर्ट के अंदर घुसकर वकीलों की गाड़ियों पर कार्रवाई कर रही हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” — राजेंद्र पांडे, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन रीवा
“अधिवक्ताओं ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है। हम तथ्यों की जांच कर रहे हैं, जो भी कानूनी रूप से सही होगा, वह कदम उठाया जाएगा।” — आरती सिंह, एडिशनल एसपी रीवा









