जबलपुर : जबलपुर शहर में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं। मंगलवार को मदनमहल क्षेत्र के गेट नंबर-4 स्थित पटेल मोहल्ला उस वक्त तनाव का केंद्र बन गया, जब बिजली विभाग की टीम स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची। स्थानीय उपभोक्ताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस योजना का कड़ा विरोध किया, जिसके चलते मौके पर हंगामे जैसी स्थिति बन गई।
बिना सहमति मीटर लगाने का आरोप
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिजली विभाग बिना किसी पूर्व सूचना और उपभोक्ताओं की सहमति के जबरन स्मार्ट मीटर लगा रहा है। क्षेत्र की निवासी रेखा पटेल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “हमसे न तो कोई लिखित अनुमति ली गई और न ही पहले जानकारी दी गई। जब हमने सवाल उठाए, तो हमारी बात को नजरअंदाज कर दिया गया।” विरोध के दौरान कुछ उपभोक्ताओं ने लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को तोड़ दिया, जिससे हालात और बिगड़ गए।
कांग्रेस का समर्थन, लोकतांत्रिक अधिकारों की बात
घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सौरभ ‘नाटी’ शर्मा भी मौके पर पहुंचे और उपभोक्ताओं के समर्थन में मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा है। यह जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। किसी भी योजना को जबरन लागू नहीं किया जा सकता।”कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए गए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
बिजली विभाग का पक्ष
विवाद बढ़ता देख बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की। कार्यपालन अभियंता अमित सक्सेना ने कहा कि “स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के हित में हैं। इससे बिलिंग में पारदर्शिता आएगी और बिजली खपत पर नियंत्रण रहेगा। हम किसी पर दबाव नहीं बना रहे हैं, बल्कि लोगों को जागरूक कर रहे हैं।” हालांकि, विभाग की इस दलील से उपभोक्ता संतुष्ट नजर नहीं आए।
शहर में पहले भी हो चुका है विरोध
गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जबलपुर के कई इलाकों में स्मार्ट मीटर योजना का विरोध सामने आ चुका है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी शंकाओं का समाधान नहीं किया जाता और लिखित सहमति नहीं ली जाती, तब तक वे इस योजना को स्वीकार नहीं करेंगे।











