Jabalpur Hospital Protest : जबलपुर: शहर के प्रतिष्ठित जबलपुर हॉस्पिटल की कार्यप्रणाली एक बार फिर विवादों के घेरे में है। सोमवार को लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वकीलों ने ओमती थाना प्रभारी का घेराव कर अस्पताल संचालक के विरुद्ध एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की। एसोसिएशन का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और डॉक्टरों की अनुपलब्धता के कारण उनके साथियों के परिजनों की जान चली गई।
45 मिनट की देरी बनी जानलेवा: एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि हाल ही में एसोसिएशन अध्यक्ष के पिता को गंभीर स्थिति में जबलपुर हॉस्पिटल लाया गया था। आरोप है कि अस्पताल के निचले तल पर प्राथमिक जांच तो की गई, लेकिन 45 मिनट तक ऊपर से कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नीचे नहीं आया। अंत में प्रबंधन ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि ICU में बेड खाली नहीं है और दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इस भागदौड़ और देरी के कारण मरीज ने दम तोड़ दिया।
एक नहीं, दो परिवारों का दर्द: प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह कोई इकलौती घटना नहीं है। एसोसिएशन के सदस्य रोहित त्रिपाठी की माँ के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया गया। परिजनों का सवाल है कि यदि अस्पताल में बेड खाली नहीं होते, तो मरीजों को अंदर बुलाकर जांच के नाम पर समय क्यों बर्बाद किया जाता है?
उग्र आंदोलन की चेतावनी: ओमती थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपते हुए अधिवक्ता रोहित कुरील ने कहा कि अस्पताल संचालक और प्रबंधन के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन और अधिवक्ता समुदाय मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।











