BJP Leader Allegation : रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में राजनीतिक रसूख और फर्जी रसूख के दम पर ठगी का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। पीड़ित महिला प्रतिमा देवी ने डॉक्टर रामसखा वर्मा नामक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उसने अवधेश प्रताप सिंह (APS) विश्वविद्यालय में चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 5 लाख रुपये की ठगी की है।
कलेक्टर को फोन लगाने का किया ड्रामा: पीड़िता के अनुसार, डॉक्टर रामसखा वर्मा ने खुद को बीजेपी का प्रभावशाली नेता बताया था। भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने प्रतिमा देवी के सामने ही कथित तौर पर कलेक्टर को फोन लगाया और नौकरी के लिए दबाव बनाने का नाटक किया। इसी राजनीतिक रसूख के झांसे में आकर पीड़िता ने किस्तों में कुल 5 लाख रुपये आरोपी को सौंप दिए।
न नौकरी मिली, न पैसे: काफी समय बीत जाने के बाद जब नौकरी नहीं लगी, तो पीड़िता ने अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि पैसे मांगने पर डॉक्टर रामसखा वर्मा लगातार टालमटोल करता रहा। पीड़िता ने यह भी खुलासा किया कि आरोपी पहले बीएसपी (BSP) में सक्रिय था और बाद में बीजेपी (BJP) में शामिल होने का दावा करने लगा। सोशल मीडिया पर उसकी कई दिग्गज नेताओं के साथ तस्वीरें भी मौजूद हैं, जिनका उपयोग वह लोगों को डराने और प्रभावित करने के लिए करता था।
बीजेपी ने किया किनारा: मामला गरमाते ही बीजेपी संगठन ने इस पर सफाई दी है। बीजेपी जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने स्पष्ट तौर पर कहा कि “डॉक्टर रामसखा वर्मा न तो पार्टी के नेता हैं और न ही प्राथमिक कार्यकर्ता। पार्टी का उनके किसी भी कृत्य से कोई सरोकार नहीं है।”
फिलहाल, पीड़िता प्रतिमा देवी न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं और पुलिस प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही हैं। यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे तस्वीरों और फर्जी रसूख के आधार पर गरीबों को शिकार बनाया जा रहा है।
























