Rich Beggar Mangilal : इंदौर: स्वच्छता में नंबर-1 इंदौर अब भिक्षावृत्ति मुक्त होने की ओर कदम बढ़ा रहा है, लेकिन इसी अभियान के दौरान प्रशासन के हाथ एक ऐसा ‘भिक्षुक’ लगा है जिसकी अमीरी अच्छे-अच्छों के पसीने छुड़ा दे। सराफा क्षेत्र में हाथों में जूते पहनकर रेंगते हुए भीख मांगने वाले मांगीलाल को जब महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया, तो उसकी कुंडली देख अधिकारी सन्न रह गए। खुद को लाचार बताने वाला मांगीलाल वास्तव में एक सफल ‘फाइनेंसर’ और जमींदार निकला।
ब्याज का बड़ा कारोबार और करोड़ों की संपत्ति:
जांच में सामने आया कि मांगीलाल केवल भीख नहीं मांगता था, बल्कि सराफा क्षेत्र के कई व्यापारियों और कर्मचारियों को ब्याज पर मोटी रकम उधार देता था। वह प्रतिदिन ब्याज वसूली के लिए ही सराफा आता था और इसी दौरान लोगों की संवेदनाओं का फायदा उठाकर 400 से 500 रुपये प्रतिदिन की भीख भी बटोर लेता था।
प्रशासनिक और जन प्रतिक्रिया:
नोडल अधिकारी दिनेश मिश्रा ने बताया कि सराफा क्षेत्र से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। वहीं सराफा व्यापारी निर्मल घुंघरू ने पुष्टि की कि मांगीलाल लंबे समय से सक्रिय है और कई कर्मचारियों ने उससे ब्याज पर पैसे ले रखे हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि इंदौर को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने का अभियान जारी रहेगा और संपन्न होने के बावजूद भीख मांगने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मांगीलाल का ‘साम्राज्य’
| संपत्ति का विवरण | स्थान/विवरण |
| मकान 01 | भगत सिंह नगर में 3 मंजिला पक्का मकान (16×45) |
| मकान 02 | शिवनगर में 600 स्क्वायर फीट का स्वतंत्र मकान |
| मकान 03 | अलवास में शासन द्वारा प्रदत्त 1 BHK फ्लैट |
| वाहन | एक स्विफ्ट डिज़ायर कार और 3 ऑटो रिक्शा (किराए पर संचालित) |
| व्यवसाय | सराफा बाजार में बड़े स्तर पर ब्याज (Finance) का काम |
| दैनिक आय | ₹500 (भीख से) + मोटा ब्याज (व्यवसाय से) |
“हम हैरान हैं कि रेड क्रॉस से 1 BHK मकान और विकलांगता सहायता मिलने के बावजूद यह व्यक्ति लोगों की दया का व्यापार कर रहा था। यह समाज के लिए एक बड़ा सबक है।” — दिनेश मिश्रा, नोडल अधिकारी













