Rice Scam Chhattisgarh : रामकुमार भारद्वाज/कोंडागांव: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के सरकारी चावल के भंडारण में बड़ी अनियमितता उजागर हुई है। खुटडोबरा स्थित वेयरहाउस में लाट मिलान के दौरान भारी मात्रा में चावल कम पाया गया है। मामले को दबाने के लिए विभाग के कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर बाजार से चावल लाकर गोदाम में बिना किसी वैध कागजात के स्टेकिंग (भंडारण) कराने का गंभीर आरोप लगा है।
मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यालय के निर्देश पर नोडल अधिकारी बलवंत साहू गुरुवार को लाट मिलान के लिए खुटडोबरा गोदाम पहुंचे थे। जांच के दौरान गोदाम क्रमांक 17 में अचानक 250 बोरी चावल कम मिला। इस कमी के उजागर होते ही विभाग में हड़कंप मच गया। सूत्रों का दावा है कि मामले को रफा-दफा करने और अपनी गर्दन बचाने के लिए शाखा कर्मचारी महेश जोशी ने आनन-फानन में बाहर से चावल की व्यवस्था की और उसे सीधे गोदाम में लगवा दिया। ताज्जुब की बात यह है कि इस चावल का न तो वजन कराया गया, न कांटा पर्ची काटी गई और न ही बोरियों पर लाट पर्ची लगाई गई।
जब इस गड़बड़ी की भनक मीडिया को लगी और पत्रकारों ने वेयरहाउस के गोदाम प्रभारी से पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। अधिकारियों ने अजीबोगरीब दलील देते हुए कहा कि गोदाम की तस्वीर लेने या बयान देने के लिए कलेक्टर की लिखित अनुमति आवश्यक है। हालांकि, प्रभारी ने यह स्वीकार किया कि मिलान में 250 बोरी चावल कम था जिसका ‘समायोजन’ किया गया है, लेकिन यह चावल कहाँ से आया, इसका उनके पास कोई जवाब नहीं था।
इस पूरे प्रकरण में नान की जिला प्रबंधक अंजना एक्का की भूमिका भी सवालों के घेरे में है, जिन्होंने लगातार संपर्क करने के बाद भी फोन रिसीव नहीं किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि मामला उनके पास आया है और इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। बता दें कि कोंडागांव वेयरहाउस पहले भी चावल अनियमितताओं के कारण विवादों में रहा है, ऐसे में मौजूदा घटनाक्रम ने विभाग की साख पर एक बार फिर बट्टा लगा दिया है।
प्रमुख बिंदु (Highlights)
- स्थान: खुटडोबरा गोदाम क्रमांक 17, कोंडागांव।
- गड़बड़ी: लाट मिलान में 250 बोरी सरकारी चावल की कमी।
- आरोप: कमी छिपाने के लिए बिना रिकॉर्ड के बाहर से लाया गया चावल डंप किया गया।
- प्रशासनिक रुख: कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए।











