BR Goyal Infrastructure IT Raid : बिलासपुर/इंदौर। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में शुक्रवार सुबह आयकर विभाग ने सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी बीआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की। आयकर विभाग की टीमों ने एक साथ बिलासपुर के पाराघाट टोल प्लाजा स्थित दफ्तर और इंदौर स्थित कंपनी के मुख्यालय व निदेशकों के आवासों पर दबिश दी।
पाराघाट टोल प्लाजा पर घंटों पूछताछ: बिलासपुर में आयकर विभाग के अधिकारी तीन गाड़ियों में सवार होकर पाराघाट टोल प्लाजा पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, टीम वहां टोल कलेक्शन के रिकॉर्ड, कर्मचारियों की उपस्थिति और वित्तीय दस्तावेजों की सघन जांच कर रही है। मौके पर मौजूद कर्मचारियों से भी कंपनी के वित्तीय लेन-देन के बारे में पूछताछ की जा रही है।
इंदौर में भी घेराबंदी: कार्रवाई का दूसरा बड़ा केंद्र इंदौर रहा। यहाँ सपना-संगीता रोड स्थित कंपनी के मुख्य कार्यालय और कंपनी के डायरेक्टर के घर पर सुबह से ही जांच टीम डटी हुई है। डिजिटल डेटा, प्रोजेक्ट फाइल्स और बैंक खातों के विवरण खंगाले जा रहे हैं।
कार्रवाई की मुख्य वजह: बताया जा रहा है कि आयकर विभाग को कंपनी के बड़े प्रोजेक्ट्स में लागत को बढ़ाकर दिखाने और वास्तविक आय को कम करके टैक्स बचाने की गुप्त जानकारी (इनपुट) मिली थी। विभाग अब डिजिटल सबूतों के जरिए यह पुष्टि करने की कोशिश कर रहा है कि कहीं कंपनी ने ‘शेल कंपनियों’ या फर्जी बिलों के माध्यम से टैक्स चोरी तो नहीं की है।
कंपनी का प्रोफाइल:
- स्थापना: 1986 (2005 में प्राइवेट लिमिटेड बनी)।
- कार्यक्षेत्र: सड़क, राजमार्ग, पुल, आरएमसी (Ready Mix Concrete) सप्लाई और टोल कलेक्शन।
- प्रसार: छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स।
दिसंबर की कार्रवाई से जुड़ाव? उल्लेखनीय है कि पिछले महीने (4 दिसंबर 2025) भी छत्तीसगढ़ के स्टील कारोबारियों पर हुई छापेमारी में 300 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ था। आयकर विभाग की लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से प्रदेश के औद्योगिक और ठेकेदारी जगत में हड़कंप का माहौल है।













