मुंबई : मुंबई समेत महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों की मतगणना अभी पूरी नहीं हुई है, लेकिन शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने चुनाव आयोग और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रेस वार्ता की। उन्होंने दावा किया कि कई वार्डों में मतदाता सूची में हजारों नाम गायब थे, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां शिवसेना का समर्थन मजबूत था।
ईवीएम और मतदान प्रक्रिया पर उठाए सवाल
संजय राउत ने कहा कि कई वार्डों में ईवीएम खराब पाई गई और शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि कुछ वार्डों में जनता किसी अन्य उम्मीदवार को वोट दे रही थी, लेकिन मशीन में वोट केवल बीजेपी के कमल चिन्ह पर दर्ज हो रहा था। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि खुलेआम पैसा बांटना और सत्ता का दबाव डालकर मतदान प्रभावित करना लोकतंत्र के खिलाफ है।
VIDEO | Mumbai: On the Maharashtra civic polls, Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut says, “Thousands of voters’ names were missing from areas where Shiv Sena(UBT), MNS, and Congress get support. EVMs malfunctioned in several wards, and complaints were ignored. Meetings between civic… pic.twitter.com/xLq4l5e1Dj
— Press Trust of India (@PTI_News) January 16, 2026
आचार संहिता उल्लंघन और सत्ता के दबाव का आरोप
राउत ने आचार संहिता के दौरान नगर निगम अधिकारियों और बीजेपी नेताओं के बीच हुई बैठकें भी लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया। उनका कहना था कि चुनाव प्रक्रिया में इस तरह की अनियमितताएं लोकतंत्र की मूल भावना को प्रभावित करती हैं।
सांस्कृतिक विरासत को लेकर चिंता
संजय राउत ने वाराणसी में हिंदू देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियों को कथित तोड़ने की घटना पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होलकर की विरासत महाराष्ट्र के लिए गर्व का विषय है और इसका जीर्णोद्धार या हटाया जाना दुखद है। उन्होंने महाराष्ट्र नेतृत्व से इस मुद्दे को उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष उठाने की अपील की।
मतदाता अधिकार और लोकतंत्र की सुरक्षा
संजय राउत का कहना है कि मतदाता अधिकार की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना राज्य और देश दोनों के लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।









