भोपाल : मध्य प्रदेश में सर्द हवाओं के चलते ठंड ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। उत्तर और पूर्वी हिस्सों में रात का तापमान तेजी से गिरा है, जिससे लोगों की कंपकंपी बढ़ गई है। शहडोल और कटनी जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। वहीं ग्वालियर, भोपाल, जबलपुर और इंदौर में भी रातें बेहद सर्द बनी हुई हैं।
कई शहरों में लुढ़का पारा
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं का असर प्रदेश में साफ दिख रहा है। खुले इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड ज्यादा महसूस की जा रही है। सुबह और देर रात को घना कोहरा और ठंडी हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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16 जनवरी से बदलेगा मौसम का मिजाज
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 16 जनवरी से हिमालयी क्षेत्र में एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। इसका असर तीन से चार दिन बाद मध्य प्रदेश में देखने को मिल सकता है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मावठा (हल्की बारिश) होने की संभावना जताई गई है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।
ट्रफ का सीमित असर, लेकिन आगे सिस्टम मजबूत
फिलहाल मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के पास एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, लेकिन इसका खास असर प्रदेश में नहीं दिख रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाला पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा प्रभावशाली होगा, जिससे बादल छाने, हल्की बारिश और तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।









