सीधी : मध्य प्रदेश के सीधी जिले की सिहावल विधानसभा अंतर्गत बहारी क्षेत्र में आयोजित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जनसभा के दौरान एक भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया। आदिवासी परिवार से आने वाली छात्रा अनामिका बैगा मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश करती हुई मंच के पास पहुंची, लेकिन सुरक्षा कारणों से उसे आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिल सकी। इसके बाद अनामिका वहीं फूट-फूटकर रोने लगी और अपनी पढ़ाई से जुड़ी परेशानियां बताने लगी।
पढ़ाई का सपना और आर्थिक मजबूरी
अनामिका का सपना डॉक्टर बनने का है। वह इस समय NEET परीक्षा की तैयारी कर रही है, लेकिन कोचिंग और छात्रावास का खर्च उठाना उसके परिवार के लिए कठिन हो रहा था। इसी मदद की उम्मीद में वह मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची थी। मौके पर भले ही वह सीएम से सीधे नहीं मिल सकी, लेकिन उसकी पीड़ा प्रशासन तक पहुंच गई।
मुख्यमंत्री ने तुरंत बढ़ाया मदद का हाथ
मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर बताया कि सीधी प्रवास के दौरान बिटिया अनामिका बैगा ने पढ़ाई में सहायता का अनुरोध किया था। जांच में सामने आया कि वह NEET की तैयारी कर रही है और कोचिंग व हॉस्टल के लिए मदद चाहती है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अनामिका के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
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मेडिकल कॉलेज तक सरकार देगी सहयोग
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि अनामिका का मेडिकल कॉलेज में चयन होता है, तो राज्य सरकार की ओर से उसे हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि एक दिन अनामिका एक सफल चिकित्सक बनकर मध्य प्रदेश का नाम रोशन करेगी।
कलेक्टर ने की मुलाकात, दिया भरोसा
मुख्यमंत्री के निर्देश के अगले ही दिन सीधी कलेक्टर ने अनामिका बैगा से मुलाकात की और उसकी पढ़ाई से जुड़ी हर संभव मदद का आश्वासन दिया। प्रशासनिक स्तर पर कोचिंग, छात्रावास और अन्य शैक्षणिक सहयोग को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अनामिका ने जताया आभार
सरकारी सहयोग मिलने के बाद अनामिका बैगा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस मदद से उसका डॉक्टर बनने का सपना और मजबूत हुआ है। उसने कहा, “मैं मुख्यमंत्री जी की बहुत आभारी हूं। उन्होंने मेरी पढ़ाई की जिम्मेदारी लेकर मुझे आगे बढ़ने का हौसला दिया है।”











