बिलासपुर : बिलासपुर जिले के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के किसानों ने धान खरीदी केंद्रों में लगातार परेशानियों के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि केंद्रों में निर्धारित लिमिट और समय के बावजूद उनका धान खरीदी के लिए नहीं उठाया जा रहा है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है और समय का भी नुकसान हो रहा है। कांग्रेस नेताओं ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए प्रशासन और सरकार पर सवाल खड़े किए हैं कि आखिरकार किसानों के हितों को लेकर सरकार इतनी गंभीर क्यों नहीं दिख रही।
खरीदी केंद्रों की कार्यप्रणाली: सीमित लिमिट या सरकारी लापरवाही?
किसानों ने बताया कि टोकन कटने के बाद भी धान नहीं खरीदा जाता। सुबह से शाम तक इंतजार करने के बाद उन्हें यह कहा जाता है कि आज की लिमिट पूरी हो गई है। सवाल यह उठता है कि क्या सरकार ने धान खरीदी केंद्रों की वास्तविक क्षमता का सही आकलन किया है या यह सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया बनकर रह गई है? मजबूरन किसानों को अगले दिन फिर केंद्रों पर आना पड़ता है, जिससे उनका समय और मेहनत दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
किसानों की मांगें और प्रशासन की जवाबदेही
किसानों ने मांग की है कि बेलतरा क्षेत्र के सभी धान खरीदी केंद्रों में लिमिट बढ़ाई जाए और टोकन के आधार पर शीघ्र खरीदी सुनिश्चित की जाए। महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव शिल्पी तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने वादों के विपरीत सीमित टोकन तय किए हैं। पूर्व जिला अध्यक्ष ग्रामीण विजय केसरवानी ने चेतावनी दी कि यदि समय पर समाधान नहीं हुआ, तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। सवाल यह भी उठता है कि क्या किसानों की परेशानियों को नजरअंदाज करने की यह प्रवृत्ति लगातार जारी रह सकती है?









