Singrauli Fly Ash Pollution : सिंगरौली: जिले के विंध्यनगर क्षेत्र में एनटीपीसी शाहपुर और बलियरी राखड़ डैम से फ्लाई ऐश (राख) का परिवहन अब जानलेवा साबित हो रहा है। ऐशटेक इंडिया नामक निजी कंपनी पर आरोप है कि वह बिना किसी पर्यावरणीय स्वीकृति (NOC) के रेलवे रैक के जरिए राख की लोडिंग और ढुलाई कर रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में प्रदूषण का कहर बरप रहा है।
बिना सुरक्षा उपायों के हो रहा खेल
ग्रामीणों का आरोप है कि राखड़ यार्ड में एनजीटी (NGT) के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं:
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खुले में लोडिंग: राख को बिना ढके डंपरों और रेलवे वैगनों में लोड किया जा रहा है।
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छिड़काव का अभाव: धूल को दबाने के लिए पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा, जिससे हवा में राख की परतें तैर रही हैं।
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प्रदूषण विभाग की पुष्टि: विभागीय सूत्रों के अनुसार, कंपनी के पास रेलवे रैक से परिवहन के लिए आवश्यक पर्यावरणीय अनुमति नहीं है।
बीमारियों की चपेट में ग्रामीण
राखड़ यार्ड के पास स्थित गांवों में स्थिति भयावह है। लोगों के घरों, बर्तनों और खेतों पर राख की मोटी परत जमी है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि बच्चों और बुजुर्गों में अस्थमा, सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
अधिकारियों की रहस्यमयी चुप्पी
हैरानी की बात यह है कि प्रदूषण के पुख्ता वीडियो और सबूत होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं। एसडीएम ने फोन रिसीव नहीं किया, तो वहीं एनटीपीसी प्रबंधन ने “जानकारी लेकर बताने” की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। अब ग्रामीणों की आखिरी उम्मीद जिला कलेक्टर पर टिकी है।











