भोपाल: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर की पानी आपूर्ति और सरकार की नाकामियों पर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि सरकार इंदौर में हुई मौतों और पीड़ितों को मिलने वाले मुआवजे की जानकारी छुपा रही है। सिंघार ने सवाल उठाया कि क्यों प्रशासन ने समय पर सैंपलिंग नहीं की और बोरिंग से भी दूषित पानी शहर में पहुँच रहा है।
कांग्रेस का वाटर ऑडिट और प्रदर्शनी
कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा और अन्य प्रभावित इलाकों का वाटर ऑडिट कर जनता के सामने पेश किया। प्रदर्शनी में शहर के गंदे पानी और बैक्टीरिया की रिपोर्ट दिखाई गई। पार्टी का कहना है कि इंदौर को 8 बार स्वच्छता अवार्ड मिला, लेकिन प्रशासन की निष्पक्षता दम तोड़ चुकी है।
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सिस्टम और जिम्मेदारियों पर सवाल
सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री, मंत्री, मेयर और नगर निगम अधिकारी सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर और करोड़ों रुपये के खर्च में गड़बड़ी हुई, करप्शन हुआ और समय पर कार्य नहीं हुआ। उन्होंने पीड़ितों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजा की मांग भी की।
जनता के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव
दूषित पानी के कारण इंदौर में किडनी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। कांग्रेस का कहना है कि इस मामले में महापौर और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति
कांग्रेस का उद्देश्य है कि इस मामले को केवल राजनीतिक मुद्दा न बनने दिया जाए बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो और प्रभावित लोगों को उचित राहत मिले।











