Thursday, August 27, 2026
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Panna Well Collapse: कुआं हादसे में 5 मजदूरों की मौत के बाद बवाल! अजयगढ़ में सड़क पर उतरे लोग

Panna Well Collapse:अजयगढ़ कुआं हादसा के बाद लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। पन्ना के अजयगढ़ में 26 मई को कुआं धंसने से 5 मजदूरों की मौत हो गई थी। इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है।माधवगंज चौराहे पर बड़ी संख्या में लोग जमा होकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

अजयगढ़ कुआं हादसा को लेकर हो रहे प्रदर्शन का असर ट्रैफिक पर भी दिखाई दिया। पन्ना के अजयगढ़ में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे एम्बुलेंस समेत कई वाहन लंबे समय तक फंसे रहे।लोगों का कहना है कि हादसे में हुई मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर लगातार नारेबाजी की जा रही है।

1-1 करोड़ मुआवजे की मांग
अजयगढ़ कुआं हादसा में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों के लिए प्रदर्शनकारी बड़ी आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं। पन्ना के अजयगढ़ में लोगों ने पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग उठाई है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि मजदूरों को बिना सुरक्षा इंतजाम के खतरनाक कुएं में उतारा गया था, जिसके कारण इतना बड़ा हादसा हुआ।

CM मोहन यादव ने जताया दुख
अजयगढ़ कुआं हादसा पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी दुख व्यक्त किया है। उन्होंने पन्ना के अजयगढ़ में ग्राम पंचायत बीहरपुरवा के नयापुरवा में हुए इस हादसे पर संवेदना जताई।मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने सहायता प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।

दो स्तर पर लापरवाही के आरोप
अजयगढ़ कुआं हादसा में दो बड़ी लापरवाही सामने आने की बात कही जा रही है। पन्ना के अजयगढ़ में पहला आरोप यह है कि ज्यादा मजदूरी का लालच देकर मजदूरों को खतरनाक हालत वाले कुएं में काम पर उतारा गया।दूसरा आरोप जिला प्रशासन पर लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक हादसे के करीब तीन घंटे बाद प्रशासन सक्रिय हुआ, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी हुई।

प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
अजयगढ़ कुआं हादसा के बाद अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पन्ना के अजयगढ़ में लोगों का कहना है कि अगर समय पर बचाव कार्य शुरू होता तो शायद कुछ मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी।फिलहाल प्रदर्शन जारी है और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन हालात को संभालने की कोशिश में जुटा हुआ है।

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