M.P में धान खरीदी में बन रहे रिकॉर्ड, लेकिन छत्तीसगढ़ में 7 करोड़ रुपये का धान खा गए चूहे! घेरे में साय सरकार

Rahul Goshwami

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में बाजार चारभाठा और बघर्रा संग्रहण केंद्रों से 26 हजार क्विंटल धान गायब होने की जानकारी सामने आई है। इसकी कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जिला विपणन अधिकारी अभिषेक मिश्रा का कहना है कि कमी का कारण मौसम, चूहे, दीमक और कीड़े हैं। उन्होंने बताया कि अन्य जिलों की तुलना में कवर्धा की स्थिति बेहतर है।

फर्जी बिल और CCTV छेड़छाड़ के आरोप

संग्रहण केंद्र चारभाठा के प्रभारी पर फर्जी आवक-जावक, डैमेज धान के फर्जी बिल, मजदूरों की फर्जी हाजिरी और CCTV से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगे। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई और प्रभारी को हटा दिया गया। इस घटना ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि अगर धान चूहों और दीमक ने खा लिया, तो फर्जी बिल और छेड़छाड़ किसने की?

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मध्यप्रदेश में धान खरीदी में रिकॉर्ड

वहीं मध्यप्रदेश में इस बार धान खरीदी की व्यवस्था काफी बेहतर और व्यवस्थित रही। चालू खरीफ विपणन साल में 6.56 लाख किसानों से 43.17 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी गई। सरकार ने सपोर्ट प्राइस 2369 रुपए प्रति क्विंटल तय किया और भावांतर योजना के तहत किसानों को अतिरिक्त लाभ भी मिला।

छत्तीसगढ़ बनाम मध्यप्रदेश

छत्तीसगढ़ में धान की सुरक्षा और खरीदी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिकारी चूहों और दीमक को दोष देते हैं, जबकि मध्यप्रदेश में संग्रहण केंद्रों की पर्याप्त व्यवस्था और ठंड में भी खरीदी सुचारू रूप से चल रही है। यही कारण है कि किसान दोनों राज्यों में अपने फसल के सुरक्षित और उचित मूल्य मिलने की तुलना कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं—क्यों किसानों की मेहनत से खरीदा धान सुरक्षित नहीं है, फर्जी बिल और छेड़छाड़ की घटनाओं पर उचित कार्रवाई क्यों नहीं हुई। अब यह देखना बाकी है कि राज्य सरकार इस गंभीर घोटाले को कैसे संभालती है।

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