Wednesday, August 19, 2026
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M.P News : भोपाल में अमृत-2.0 फंसा फाइलों में, गंदे पानी से जूझ रहे रहवासी, निगम बेबस

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भोपाल : राजधानी भोपाल में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत-2.0 योजना का लाभ अब तक आम लोगों तक नहीं पहुंच पाया है। शहर के कई इलाकों में नागरिक आज भी गंदे और दूषित पानी की समस्या से जूझ रहे हैं, जबकि 641 करोड़ रुपये से जुड़ी पेयजल और सीवरेज योजनाएं कागजों और फाइलों में ही अटकी हुई हैं।

कई इलाकों में दूषित पानी की शिकायतें

शहर के पुराने और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में नलों से बदबूदार और मटमैला पानी आने की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि पीने के पानी में गंदगी और सीवरेज का मिश्रण साफ दिखाई देता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ गए हैं।

641 करोड़ की योजनाएं अब भी अधर में

भोपाल नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार अमृत-2.0 के तहत पेयजल आपूर्ति और सीवरेज सुधार से जुड़ी योजनाओं पर 641 करोड़ रुपये खर्च किए जाने प्रस्तावित हैं। हालांकि तकनीकी स्वीकृति, टेंडर प्रक्रिया और प्रशासनिक देरी के चलते इन योजनाओं पर अब तक जमीनी काम शुरू नहीं हो सका है।

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निगम का दावा: जल्द शुरू होगा काम

नगर निगम का दावा है कि सभी औपचारिकताएं लगभग पूरी कर ली गई हैं और अगले एक-दो महीनों में परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन सुधार और सीवरेज नेटवर्क के आधुनिकीकरण से पानी की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

पुरानी पाइपलाइन बनी सबसे बड़ी चुनौती

भोपाल की दशकों पुरानी पेयजल और सीवरेज पाइपलाइनों में क्रॉस कनेक्शन की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। जगह-जगह लीकेज और जर्जर पाइपों के कारण गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा है, जिससे इंदौर जैसी घटनाओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इंदौर कांड के बाद भी सवाल

इंदौर में दूषित पानी से हुई घटनाओं के बाद भी भोपाल में ठोस कार्रवाई न होना प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है। नागरिकों की मांग है कि योजनाओं को जल्द धरातल पर उतारकर सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित किया जाए।

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