World Ramayana Conference : जबलपुर: संस्कारधानी जबलपुर में आयोजित ‘वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस’ में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति की महानता और वर्तमान समय में ग्रंथों की प्रासंगिकता पर विस्तृत चर्चा की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने विश्व में बढ़ती हिंसा और वैचारिक मतभेदों पर अपनी बेबाक राय रखी।
“हम स्वयं हैं हिंसा के जिम्मेदार”
राज्यपाल खान ने कहा कि आज दुनिया में जो हिंसा हो रही है, उसके लिए काफी हद तक हम स्वयं जिम्मेदार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि:
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अहंकार की लड़ाई: आज दुनिया में ‘मैं तुमसे बड़ा हूँ’ की जंग चल रही है, जिसने शांति को भंग कर दिया है।
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दिव्यता का दर्शन: हमारे ग्रंथ हमें दूसरों के भीतर दिव्यता देखना सिखाते हैं। जब हम इंसान में ईश्वरीय तत्व देखने लगेंगे, तभी हिंसा समाप्त होगी।
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ग्रंथ आधारित संस्कृति: भारत की संस्कृति एकमात्र ऐसी संस्कृति है जो पवित्र ग्रंथों के शाश्वत मूल्यों पर टिकी है।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार पर जताई चिंता
पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों (हिंदुओं) पर हो रहे हमलों पर राज्यपाल ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा:
“बांग्लादेश में जो हो रहा है, वह बेहद निंदनीय है। यह केवल किसी समुदाय का नहीं, बल्कि बुनियादी तौर पर मानव संवेदनाओं का मामला है। इन घटनाओं की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है।”









