Indore Crime Branch Achievement : इंदौर | इंदौर पुलिस ने पिछले 24 घंटों के भीतर शहर में कानून व्यवस्था और जनसेवा की मिसाल पेश की है। एक ओर जहाँ क्राइम ब्रांच ने ‘सिटिजन एप’ पर दर्ज शिकायतों का निराकरण करते हुए देश के विभिन्न राज्यों से 326 गुमशुदा मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को सौंपे, वहीं दूसरी ओर चंदन नगर पुलिस ने एक ड्राइवर के अपहरण मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार बदमाशों को हथियारों के साथ दबोच लिया।
तकनीकी दक्षता: देश के कोने-कोने से खोज निकाले मोबाइल
शहर में मोबाइल गुम होने की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने विशेष अभियान चलाया था। डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सिटिजन एप पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मोबाइल के आईएमईआई (IMEI) नंबर और आईपी एड्रेस को ट्रैक किया गया। जांच में पता चला कि इंदौर से गुम हुए मोबाइल देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय हैं।
क्राइम ब्रांच की टीमों ने अंतरराज्यीय समन्वय स्थापित कर कुल 326 मोबाइल फोन बरामद किए। गुरुवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को लौटाया गया। मोबाइल पाकर आवेदकों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने पुलिस की तकनीकी दक्षता की सराहना की। डीसीपी त्रिपाठी के अनुसार, यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
अपहरण की साजिश नाकाम, ‘नेतागिरी’ झाड़ने वाले 4 गिरफ्तार
इधर, चंदन नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अपहरण के एक सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश किया। पुलिस के अनुसार, शाहरुख नामक व्यक्ति के यहां पूर्व में काम करने वाले एक ड्राइवर को कुछ बदमाशों ने जबरन अगवा कर लिया था। पीड़ित की पत्नी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पति से संपर्क नहीं हो पा रहा है और कुछ लोग उसे उठाकर ले गए हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपी क्षेत्र में अपनी धाक जमाने के लिए ‘नेतागिरी’ करते थे और पूर्व में भी विवादों में रहे हैं। आरोपियों ने युवक को धमकाकर बंधक बनाया और उससे अवैध वसूली की कोशिश की। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से धारदार हथियार भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट और अवैध हथियार रखने की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
“सिटिजन एप के माध्यम से हम जनता की शिकायतों पर त्वरित एक्शन ले रहे हैं। मोबाइल रिकवरी के साथ-साथ गंभीर अपराधों में भी पुलिस की सक्रियता जनता के बीच विश्वास पैदा कर रही है।” > — राजेश कुमार त्रिपाठी, डीसीपी













