Friday, September 11, 2026
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Digvijaya Singh Fake Fertilizer : राजगढ़ में PM की फोटो वाली बोरियों में निकली रेत; मुख्यमंत्री को पत्र लिख ‘कोरामंडल इंटरनेशनल’ पर FIR की मांग

Digvijaya Singh Fake Fertilizer : भोपाल: राजगढ़ जिले में किसानों को सिंगल सुपर फास्फेट के नाम पर रेत मिली नकली खाद बेचे जाने का मामला अब राजनीतिक रूप से गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक विस्तृत पत्र लिखकर प्रदेशव्यापी ‘नकली खाद नेटवर्क’ का पर्दाफाश करने और दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की मांग की है।

मामले का खुलासा: पूर्व विधायक की सजगता से पकड़ा गया फ्रॉड

घटना राजगढ़ के ग्राम नाईपुरिया की है, जहां किसानों ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी से शिकायत की थी कि उनके द्वारा खरीदी गई खाद में भारी मात्रा में रेत मिली हुई है। इसके बाद कृषि विभाग की टीम ने ब्यावरा स्थित “मध्यप्रदेश किसान बीज भंडार” पर छापा मारा, जहां शिकायत सही पाई गई।

प्रमुख आरोप और साक्ष्य:

  • अमानक रिपोर्ट: जबलपुर स्थित फर्टिलाइजर क्वालिटी कंट्रोल लेबोरेटरी ने 15 दिसंबर 2025 की अपनी रिपोर्ट में इस खाद को ‘अमानक’ घोषित किया है। इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटैशियम की मात्रा अत्यंत कम पाई गई।

  • PM की तस्वीर पर सवाल: दिग्विजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि जिन बोरियों पर प्रधानमंत्री की तस्वीर और किसानों के लिए संदेश है, उन्हीं का उपयोग किसानों को ठगने के लिए किया जा रहा है।

  • बिना लाइसेंस बिक्री: आरोपी दुकानदार के पास सुपर फास्फेट बेचने का लाइसेंस तक नहीं था और वह खाद को 400-500 रुपये अधिक कीमत पर बिना रसीद के बेच रहा था।

  • कंपनी का नाम: दुकानदार के बयान के अनुसार, यह नकली खाद भोपाल स्थित ‘कोरामंडल इंटरनेशनल लिमिटेड’ के स्टॉक से खरीदी गई थी।

दिग्विजय सिंह की 5 प्रमुख मांगें:

  1. FIR दर्ज हो: खाद निर्माता कंपनी ‘कोरामंडल इंटरनेशनल लिमिटेड’ के खिलाफ तत्काल आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।

  2. ब्लैकलिस्टिंग: कंपनी का शासकीय अनुबंध निरस्त कर उसे तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए।

  3. NSA की कार्रवाई: कालाबाजारियों और संगठित नेटवर्क के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई हो।

  4. किसानों को मुआवजा: नकली खाद से प्रभावित हुए किसानों को तत्काल उचित आर्थिक क्षतिपूर्ति दी जाए।

  5. प्रदेशव्यापी जांच: मध्य प्रदेश के सभी जिलों में कोरामंडल सहित अन्य कंपनियों के खाद स्टॉक की समयबद्ध विशेष जांच कराई जाए।

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