रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल करीब 6 महीने बाद जेल से रिहा हो गए हैं। बहुचर्चित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में फंसे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया था।
हाई कोर्ट से मिली राहत
चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर 2 जनवरी को सुनवाई हुई थी। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत देने का आदेश दिया। कोर्ट के फैसले के बाद शुक्रवार 3 जनवरी को चैतन्य बघेल रायपुर सेंट्रल जेल से बाहर आए।
समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत
जेल से बाहर निकलते ही चैतन्य बघेल का उनके समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों, फूलमालाओं और नारों के साथ स्वागत किया। जेल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे, जिनमें रिहाई को लेकर उत्साह देखने को मिला।
शराब घोटाले से जुड़ा है मामला
ईडी ने चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का दावा है कि इस घोटाले में हजारों करोड़ रुपये का अवैध लेन-देन हुआ। चैतन्य बघेल इस मामले में करीब 117 दिन से ज्यादा समय तक न्यायिक हिरासत में रहे।
राजनीतिक हलकों में हलचल
चैतन्य बघेल की रिहाई के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे न्याय की जीत बताया, वहीं विपक्ष मामले को लेकर लगातार हमलावर बना हुआ है।हाई कोर्ट से मिली जमानत के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत मामला ट्रायल कोर्ट में चलेगा।











