Nusrat Jahan Mahakal Visit : भोपाल: प्रसिद्ध अभिनेत्री नुसरत जहां द्वारा उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दर्शन करने पर कुछ कट्टरपंथी मौलानाओं की नाराजगी और ‘फतवे’ जैसी बातों पर भाजपा के फायरब्रांड विधायक रामेश्वर शर्मा ने जोरदार हमला बोला है। उन्होंने इस विरोध को सांप्रदायिक सद्भाव के लिए खतरा बताते हुए तथाकथित बुद्धिजीवियों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।
‘हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करने वाले अब चुप क्यों?’
विधायक रामेश्वर शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग दिन-भर धर्मनिरपेक्षता (Secularism) की दुहाई देते हैं और हिंदू-मुस्लिम एकता की बातें करते हैं, आज नुसरत जहां के महाकाल मंदिर जाने पर उन मौलानाओं और उनके सहयोगियों के ‘प्राण’ निकल रहे हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर एक कलाकार या नागरिक की आस्था से किसी को क्या तकलीफ हो सकती है?
बुद्धिजीवियों और ‘टोपी गिरोह’ पर निशाना
रामेश्वर शर्मा ने उन लोगों को भी आड़े हाथों लिया जिन्हें उन्होंने ‘तथाकथित बुद्धिजीवी’ कहा। उन्होंने कहा, “जो लोग ईद और बकरीद पर टोपी लगाकर दूसरों के घरों में घुसते हैं और भाईचारे का ढोंग करते हैं, वे आज मौलाना की इस कट्टरपंथी आपत्ति पर चुप क्यों हैं? उनकी जुबान अब क्यों नहीं खुल रही?”
‘हम धर्मांतरण नहीं, आस्था का सम्मान करते हैं’
मौलानाओं को चेतावनी देते हुए विधायक ने कहा कि उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि नुसरत जहां जैसी और भी बहनें महाकाल के दर्शन के लिए आएंगी और हिंदू समाज उनका खुले दिल से स्वागत करेगा। उन्होंने कट्टरपंथियों पर प्रहार करते हुए कहा, “हम उन्हें सनातन ‘कबूल’ करने के लिए मजबूर नहीं कर रहे हैं जैसा कि आप लोग करते हैं। हम केवल उनकी श्रद्धा और आस्था का सम्मान कर रहे हैं।”
इस बयान के बाद एक बार फिर धार्मिक स्वतंत्रता और कट्टरपंथ को लेकर बहस तेज हो गई है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने स्पष्ट किया कि आस्था के केंद्र सबके लिए खुले हैं और किसी भी फतवे या विरोध से इसे दबाया नहीं जा सकता।










