भोपाल : भोपाल में नो-मैपिंग वाले मतदाताओं को लेकर निर्वाचन विभाग ने सत्यापन प्रक्रिया तेज कर दी है। मंगलवार से घर-घर जाकर नोटिस देने का अभियान शुरू हुआ, जिसके तहत शहर की सातों विधानसभा क्षेत्रों में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) सक्रिय नजर आए। इस कार्रवाई का उद्देश्य वोटर डाटा को 2003 की वोटर लिस्ट से लिंक करना है, ताकि मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और अपडेट हो सके।
सातों विधानसभा में बीएलओ की दस्तक
मंगलवार को भोपाल की सभी सात विधानसभा सीटों में करीब 1100 मतदाताओं के घर बीएलओ पहुंचे और उन्हें नोटिस सौंपे। ये वे वोटर्स हैं, जिनका डाटा अभी तक 2003 की मतदाता सूची से लिंक नहीं हो पाया है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे भी जारी रहेगी।
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1100 में से 1000 वोटर्स ने दिए दस्तावेज
राहत की बात यह रही कि नोटिस मिलने के बाद 1100 में से लगभग 1000 मतदाताओं ने तुरंत आवश्यक दस्तावेज बीएलओ को सौंप दिए। दस्तावेज जमा कराने के बाद इन वोटर्स को 5 तारीख से शुरू होने वाली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
5 तारीख से शुरू होगी सुनवाई
जिन मतदाताओं ने अभी तक दस्तावेज जमा नहीं किए हैं, उन्हें 5 तारीख से शुरू होने वाली विशेष सुनवाई में उपस्थित होना होगा। वहां उनके रिकॉर्ड की जांच कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना सत्यापन के नाम मतदाता सूची में बने नहीं रहेंगे।
1.16 लाख वोटर्स पर बनी है स्थिति
भोपाल जिले में ऐसे वोटर्स की कुल संख्या करीब 1 लाख 16 हजार बताई जा रही है, जिनका रिकॉर्ड 2003 की वोटर लिस्ट से लिंक नहीं हो पाया है। इन्हीं मतदाताओं को चरणबद्ध तरीके से नोटिस दिए जा रहे हैं, ताकि समय रहते सभी का सत्यापन पूरा किया जा सके।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जा रही है, जिससे फर्जी या डुप्लीकेट वोटिंग की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके।











