Monday, September 28, 2026
Home Madhya Pradesh Indore Indore में जहरीला पानी, 8 की मौत से मचा हड़कंप, CM मोहन...

Indore में जहरीला पानी, 8 की मौत से मचा हड़कंप, CM मोहन का एक्शन, 2 अफसर सस्पेंड, 1 बर्खास्त

CM Mohan Yadav
CM Mohan Yadav

इंदौर :  देश के सबसे साफ शहर के तौर पर पहचान बना चुके इंदौर में दूषित पानी की सप्लाई से हड़कंप मच गया है। भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा जल आपूर्ति में शौचालय का गंदा पानी मिलने से अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 35 से अधिक मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। घटना के बाद प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

सीएम मोहन यादव के निर्देश पर कड़ी कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर कलेक्टर ने दो अधिकारियों को निलंबित और एक अधिकारी को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की तह तक जाने के लिए जांच समिति का गठन किया गया है, जो लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करेगी।

कैसे दूषित हुआ नर्मदा का पानी?

जानकारी के अनुसार, भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा पाइपलाइन में लीकेज हो गया था। यह लीकेज इतना खतरनाक था कि पुलिस चौकी के शौचालय का गंदा पानी सीधे पाइपलाइन में मिल रहा था। इसी पानी की सप्लाई पूरे इलाके में हो रही थी, जिससे लोग बीमार पड़ने लगे। शुक्रवार से मरीजों के सामने आने का सिलसिला शुरू हुआ।

Read More : Bhopal No Mapping Voters : भोपाल में नो-मैपिंग वोटर्स को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू, 1100 वोटरों को थमाए नोटिस

तीन दिन बाद मिला लीकेज पॉइंट

वार्ड 11 के बीजेपी पार्षद कमल वाघेला ने सबसे पहले इस समस्या की जानकारी महापौर को दी थी। इसके बाद नगर निगम की टीम ने जांच शुरू की और तीन दिन बाद लीकेज प्वाइंट का पता चला। यह पॉइंट पानी की टंकी के पास और भागीरथपुरा पुलिस चौकी के ठीक नीचे था, जहां चौकी का बाथरूम बना हुआ है।

30 साल पुरानी पाइपलाइन बनी खतरे की वजह

बताया जा रहा है कि नर्मदा की यह पाइपलाइन 30 साल से भी ज्यादा पुरानी है। बाद में इसी के ऊपर पुलिस चौकी का निर्माण हुआ, लेकिन तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। अब सुधार कार्य कर दिया गया है और दावा किया जा रहा है कि जल आपूर्ति सुरक्षित कर दी गई है।

जिम्मेदारी तय करने की मांग

पार्षद कमल वाघेला का कहना है कि पाइपलाइन और पुलिस चौकी निर्माण के समय जिम्मेदार अधिकारी अब इंदौर में पदस्थ नहीं हैं, लेकिन लापरवाही की जिम्मेदारी तय होना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here