निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : साल 2025 अब विदा लेने वाला है, लेकिन यह वर्ष छत्तीसगढ़ के इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। यह साल जहां नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलताओं, नए विधानसभा भवन और प्रशासनिक फैसलों का गवाह बना, वहीं पत्रकार की हत्या, आतंकी हमला और बाढ़ जैसी त्रासद घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया।
पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या ने हिला दिया बस्तर
साल की शुरुआत में ही बीजापुर के निर्भीक पत्रकार मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश में आक्रोश फैला दिया। 3 जनवरी 2025 को उनका शव सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ। नक्सल मुद्दों पर बेबाक रिपोर्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले मुकेश ‘बस्तर जंक्शन’ यूट्यूब चैनल चलाते थे।
शराब घोटाले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा की गिरफ्तारी
3200 करोड़ रुपये के चर्चित शराब घोटाले में 15 जनवरी 2025 को प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार किया। आरोप है कि घोटाले से उन्हें 64 करोड़ रुपये मिले।
नक्सलवाद पर करारी चोट
2025 में सुरक्षा बलों को नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली।
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210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया
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18 नवंबर को कुख्यात नक्सली लीडर हिडमा मारा गया
यह साल बस्तर में शांति की दिशा में अहम माना गया।
पहलगाम आतंकी हमले में रायपुर के कारोबारी की मौत
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में रायपुर निवासी कारोबारी दिनेश मिरानिया की मौत हो गई। इस हमले में 26 पर्यटक मारे गए।
14 मंत्रियों की सरकार और नया विधानसभा भवन
छत्तीसगढ़ में पहली बार 14 मंत्रियों की कैबिनेट बनी।
1 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवा रायपुर में नए विधानसभा भवन का उद्घाटन किया, जो 200 विधायकों की क्षमता वाला है।
बस्तर में बाढ़ और प्रशासनिक चुनौती
दंतेवाड़ा सहित बस्तर संभाग में आई बाढ़ में 12 लोगों की मौत हुई और 91 गांव प्रभावित हुए। 26 राहत शिविर लगाए गए।
रायपुर में पहली बार DGP-IGP सम्मेलन
नवंबर 2025 में रायपुर में 60वां अखिल भारतीय DGP-IGP सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें पीएम मोदी, अमित शाह और अजित डोभाल शामिल हुए।











