Delhi Air Pollution : नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण (Air Pollution) का स्तर इस कदर जानलेवा हो चुका है कि अब यह लोगों के करियर और नौकरियों को भी प्रभावित करने लगा है। ताजा मामला देश की प्रतिष्ठित कंपनी ‘एकम्स ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स’ (Akums Drugs & Pharmaceuticals) से सामने आया है, जहाँ कंपनी के प्रेसिडेंट ऑफ फाइनेंस राजकुमार बाफना ने दिल्ली की प्रदूषित हवा को कारण बताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
राजकुमार बाफना ने अपने त्याग पत्र में स्पष्ट रूप से ‘व्यक्तिगत स्वास्थ्य और दिल्ली के खतरनाक प्रदूषण स्तर’ का उल्लेख किया है। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, बाफना ने 3 दिसंबर को ही अपना इस्तीफा सौंप दिया था, जिसमें उन्होंने प्रबंधन से आग्रह किया कि उन्हें जल्द से जल्द कार्यमुक्त किया जाए। बाफना ने इसी साल 8 अगस्त 2025 को कंपनी में कार्यभार संभाला था, लेकिन मात्र चार महीनों के भीतर ही प्रदूषण के कारण उन्हें यह कठिन फैसला लेना पड़ा।
कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) सुमीत सूद ने इस इस्तीफे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि बाफना का जाना कंपनी के लिए एक क्षति है, लेकिन उनके गिरते स्वास्थ्य और प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पद पर बने रहने के लिए विवश नहीं किया जा सकता। बाफना इससे पहले हेरानबा इंडस्ट्रीज लिमिटेड में चार साल तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
दिल्ली में पिछले कई हफ्तों से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार ‘खतरनाक’ श्रेणी में बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि जहरीली धुंध के कारण न केवल श्वसन संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं, बल्कि अब कुशल प्रोफेशनल्स भी दिल्ली छोड़ने का मन बना रहे हैं। यह घटना कॉरपोरेट जगत के लिए एक चेतावनी है कि पर्यावरण की स्थिति अब ‘रिटेंशन’ (प्रतिभा को रोके रखना) के लिए एक बड़ा कारक बन गई है।
डेटा के अनुसार, प्रदूषित हवा अब जीवन के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज के आंकड़े बताते हैं कि साल 2023 में होने वाली कुल मौतों में से 15% का संबंध किसी न कहीं प्रदूषित हवा से था। राजकुमार बाफना का इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि दिल्ली की हवा अब न केवल फेफड़ों के लिए, बल्कि अर्थव्यवस्था और कामकाज के माहौल के लिए भी ‘जहरीली’ साबित हो रही है।











