Niyad Nellanaar Scheme : ‘नियद नेल्लानार योजना’ से संवर रहा वनांचल, विशेष शिविर में 708 ग्रामीणों को मिले आधार और आयुष्मान कार्ड

VIKASH KHALKHO

Niyad Nellanaar Scheme : सुकमा: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुशासन और विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ‘नियद नेल्लानार योजना’ के तहत विशेष सुविधा शिविर ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हुए हैं। भारत सरकार के NCAER के निर्देशों पर चलाए गए इस अभियान के पहले चरण में 26 और 27 दिसंबर को जिले के पांच अत्यंत दूरस्थ ग्रामों में शिविर लगाए गए, जहां एक ही मंच पर 708 हितग्राहियों को महत्वपूर्ण दस्तावेजी सेवाएं प्रदान की गईं।

यह विशेष शिविर कोंटा विकासखंड के कांकेरलंका, छिंदगढ़ के पाकेला व सौतनार और सुकमा विकासखंड के बड़े सट्टी व कोर्रा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में आयोजित किए गए। इन क्षेत्रों में प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने स्वयं ग्रामों का रुख किया। शिविर का मुख्य उद्देश्य उन ग्रामीणों को सरकारी तंत्र से जोड़ना था, जो भौगोलिक विषमताओं या जानकारी के अभाव में अब तक अपने आवश्यक पहचान पत्र नहीं बनवा पाए थे।

शिविर के दौरान प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, कुल 434 ग्रामीणों के नए आधार कार्ड बनाए गए, जबकि 48 आधार कार्डों में त्रुटि सुधार (अपडेट) किया गया। स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 58 ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। इसके अलावा, शिक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं के लिए अनिवार्य 168 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र मौके पर ही तैयार कर परिजनों को सौंपे गए। इस त्वरित सेवा से ग्रामीणों को तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने और मीलों का सफर करने से मुक्ति मिली।

कलेक्टर अमित कुमार ने इस पहल की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि जिले का अंतिम व्यक्ति भी सरकारी योजनाओं के दायरे में आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी नागरिक पहचान पत्रों या आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण शासकीय लाभ से वंचित नहीं रहेगा और ऐसे जनकल्याणकारी शिविरों का आयोजन निरंतर जारी रहेगा।

वनांचल और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन की यह सक्रियता न केवल विकास की मुख्यधारा को मजबूत कर रही है, बल्कि शासन की सेवा-संकल्पना और ‘सुशासन’ का सशक्त उदाहरण भी पेश कर रही है। इन शिविरों के माध्यम से शासन के प्रति ग्रामीणों का विश्वास बढ़ा है, जो क्षेत्र में शांति और प्रगति के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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