Wednesday, August 19, 2026
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New Year Religious Rush : धार्मिक नगरी में उमड़ा ‘आस्था का सैलाब’ : वृंदावन से उज्जैन तक होटल-धर्मशालाएं फुल, VIP दर्शनों पर लगी रोक

New Year Religious Rush : मथुरा/अयोध्या/उज्जैन: साल 2025 की विदाई और नववर्ष 2026 के स्वागत के लिए देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं का ‘अनंत सैलाब’ उमड़ पड़ा है। उत्तर प्रदेश की काशी, मथुरा, अयोध्या से लेकर मध्य प्रदेश के उज्जैन तक आस्था का ऐसा ज्वार है कि प्रशासन के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। भीड़ का आलम यह है कि वाराणसी और मथुरा जैसे शहरों के लगभग 150 बड़े होटल 3 जनवरी तक पूरी तरह बुक हो चुके हैं और धर्मशालाओं में पैर रखने तक की जगह नहीं बची है।रामलला दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब भीड़ को देखकर 8 मजिस्ट्रेट किए गए तैनात -  Desh Ki Upasana

प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती मथुरा-वृंदावन में है, जहाँ 29 दिसंबर से 5 जनवरी तक अपार भीड़ की संभावना है। बांके बिहारी मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने श्रद्धालुओं से एक भावुक अपील की है कि स्वास्थ्य, सुरक्षा और ट्रैफिक जाम को देखते हुए केवल आवश्यक होने पर ही वृंदावन आने का कार्यक्रम बनाएं। मंदिर में ठाकुर जी (बाल स्वरूप) को कष्ट न हो, इसका विशेष ध्यान रखते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं। एसएसपी श्लोक कुमार के अनुसार, नगर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है और करीब 7,000 वाहनों के लिए अस्थाई पार्किंग बनाई गई है।वृंदावन में आ रहे लाखों भक्‍त, आस्‍था के सैलाब के आगे व्‍यवस्‍था ध्‍वस्‍त,  स्‍थानीय लोग बोले- कंट्रोल हो भीड़-up mathura vrindavan banke bihari mandir  braj raj utsav huge crowd latest news update

अयोध्या धाम में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद रामभक्तों का उत्साह कम नहीं हो रहा है। रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कई किलोमीटर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कई प्रमुख मार्गों को ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित कर दिया है। सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं ताकि कतारबद्ध होकर श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर सकें।

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भी नए साल पर करीब 5 लाख से अधिक भक्तों के पहुंचने का अनुमान है। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने VIP दर्शन और विशेष प्रोटोकॉल व्यवस्था को पूरी तरह से बंद कर दिया है। भस्म आरती और सामान्य दर्शन के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं। काशी विश्वनाथ धाम में भी गंगा घाटों से लेकर मंदिर परिसर तक भक्तों की भारी भीड़ के कारण दर्शन के समय में बदलाव किए गए हैं।

अनुमान है कि इस बार देश के इन चार-पांच प्रमुख धार्मिक केंद्रों पर कुल मिलाकर 10 लाख से अधिक भक्त जुटेंगे। इस ऐतिहासिक भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी गई है। धार्मिक पर्यटन में आए इस उछाल ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति तो दी है, लेकिन बुनियादी ढांचे पर भारी दबाव पैदा कर दिया है।

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