भोपाल : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का एक सोशल मीडिया पोस्ट सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ गया है। दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 1990 के दशक की एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए RSS और BJP की संगठनात्मक क्षमता की खुलकर सराहना की। उन्होंने लिखा कि कैसे एक साधारण स्वयंसेवक संगठन की ताकत के दम पर पहले मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बना, यह संगठन शक्ति का बड़ा उदाहरण है।
इस पोस्ट में दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को टैग भी किया, जिसे पार्टी के भीतर आत्ममंथन और असहजता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
भाजपा ने लपका सियासी मौका
दिग्विजय सिंह के बयान पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर दिग्विजय सिंह RSS को आदर्श संगठन मानते हैं, तो भाजपा में उनका स्वागत है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी कहा कि यदि उनके विचार मेल खाते हैं, तो पार्टी के दरवाजे खुले हैं।
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कांग्रेस में बढ़ी बेचैनी
इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर मतभेद और वैचारिक असमंजस की चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पोस्ट कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी और नेतृत्व संकट की ओर भी इशारा करता है।
आगामी राजनीति पर असर संभव
विशेषज्ञों के अनुसार, दिग्विजय सिंह का यह रुख आने वाले चुनावी समीकरणों और दलगत रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।











