Jabalpur News : जबलपुर : मध्यप्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि का प्रस्ताव नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के बाद उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। आमजन इस प्रस्ताव को जनविरोधी बताते हुए विरोध प्रदर्शन की तैयारी में जुट गए हैं। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के नेतृत्व में शुक्रवार दोपहर घंटाघर में प्रदर्शन किया गया.
Jabalpur News : जिसमें बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने भाग लिया। मंच के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वितरण कंपनियां हर वर्ष मनमाने ढंग से दरों में वृद्धि कर रही हैं और नियामक आयोग इस पर कोई अंकुश नहीं लगा पा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार भी जनहित में हस्तक्षेप नहीं कर रही, जिससे जनता को आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है…उपभोक्ताओं का कहना है कि पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पर 11,019 करोड़, मध्य क्षेत्र पर 11,286 करोड़ और पश्चिम क्षेत्र पर 19,892 करोड़ रुपये का घाटा है, जिसे कंपनियां ईमानदार उपभोक्ताओं की जेब से वसूलना चाहती हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले वित्तीय वर्ष में भी कंपनियों ने 7.25 प्रतिशत दर वृद्धि का प्रस्ताव दिया था…
Jabalpur News : प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि नियामक आयोग के समक्ष होने वाली जनसुनवाई अब केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। कोविड काल के बाद भी सुनवाई को वर्चुअल मोड में ही रखा गया है, जबकि अब स्थिति सामान्य हो चुकी है। संगठनों की मांग है कि सुनवाई को पुनः भौतिक रूप से आयोजित किया जाए ताकि आमजन अपनी बात प्रभावी ढंग से रख सकें। प्रदर्शन के दौरान मंच ने चेतावनी दी कि यदि प्रस्तावित दर वृद्धि को वापस नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।













