गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित उदंती-सीता नदी अभ्यारण्य के कोर जोन में बसे साहेबीन कछार गांव के ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे गया है। शिक्षक, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की लंबे समय से अनदेखी से नाराज 200 से अधिक ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह नेशनल हाईवे-130C पर पहुंचकर चक्काजाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण हाईवे के दोनों ओर यात्री बसों समेत भारी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
ग्राम प्रमुखों के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन
यह आंदोलन ग्राम प्रमुख अर्जुन नायक और रूपसिंह मरकाम के नेतृत्व में किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से लगातार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराते आ रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले।
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8 सूत्रीय मांगों पर अड़े ग्रामीण
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में बम्हनीझोला से उड़ीसा सीमा तक 25 किलोमीटर पक्की सड़क निर्माण, आदिवासी कन्या छात्रावास एवं कन्या शाला को पुनः मूल स्थान पर संचालित करना, सभी विद्युत विहीन गांवों में बिजली पहुंचाना, अधूरे स्कूल भवनों को पूर्ण करना, साहेबीन कछार माध्यमिक शाला में अनुपस्थित शिक्षक को पदस्थ कराना, जियो टॉवर को चालू करना, उप-स्वास्थ्य केंद्र में बिजली व नल-जल सुविधा बहाल करना और अधूरी नल-जल योजनाओं को पुनः शुरू करना शामिल है।
प्रशासनिक समझाइश बेअसर
सूचना मिलते ही इंदागांव पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन समाप्त करने को तैयार नहीं हैं।
पहले भी सौंपा गया था ज्ञापन
ग्रामीणों ने 28 अक्टूबर को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी आठ सूत्रीय मांगों से अवगत कराया था। अर्जुन नायक ने बताया कि बार-बार के आश्वासनों से अब भरोसा उठ चुका है, इसलिए इस बार आर-पार की लड़ाई का फैसला लिया गया है।













