भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आज आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के विजन-2047 को लेकर व्यापक और रणनीतिक चर्चा प्रस्तावित है। सत्र के दौरान राज्य को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में भविष्य की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार और विपक्ष दोनों की ओर से विकास से जुड़े अहम मुद्दों को सदन में उठाए जाने की संभावना है।
आर्थिक हालात और सामाजिक वर्गों पर फोकस
इस विशेष सत्र में प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, रोजगार, कृषि, शिक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़े विषय प्रमुख रूप से चर्चा में रहेंगे। किसानों, युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, दलितों, पिछड़े वर्गों और अन्य कमजोर तबकों से जुड़े मसलों पर भी विस्तार से मंथन किया जाएगा। सरकार की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की चुनौतियों पर भी सदन में चर्चा होने की उम्मीद है।
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विकसित मध्य प्रदेश की रूपरेखा पर बहस
विधानसभा में मध्य प्रदेश को दीर्घकालिक रूप से आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लक्ष्य पर चर्चा होगी। बुनियादी ढांचे, उद्योग, निवेश, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सुधारों को लेकर रणनीति तय करने पर जोर रहेगा।
कांग्रेस की तैयारी, सत्र से पहले प्रदर्शन
विशेष सत्र से पहले कांग्रेस पार्टी विधानसभा परिसर में एक प्रदर्शनी आयोजित करेगी। इसके साथ ही गांधी प्रतिमा के समक्ष विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा। कांग्रेस द्वारा मनरेगा योजना के नाम में किए गए बदलाव को लेकर आपत्ति दर्ज कराई जाएगी और चर्चा शुरू होने से पहले इस मुद्दे को उठाया जाएगा।
राजधानी में सख्त सुरक्षा व्यवस्था
मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा के इस विशेष सत्र को देखते हुए राजधानी भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सत्र के दौरान धारा 163 लागू रहेगी। इसके तहत विधानसभा परिसर के पांच किलोमीटर के दायरे में पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगा।









