PM Awas : पीएम आवास में सुस्ती पर जिला पंचायत सीईओ सख्त, सचिवों-रोजगार सहायकों की ली क्लास

PM Awas : गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा/रायगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत रायगढ़ जिले में निर्माण और स्वीकृति की धीमी प्रगति को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के स्पष्ट निर्देशों पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अभिजीत पाठरे ने स्वयं कमान संभालते हुए जिला पंचायत कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिले की सातों जनपद पंचायतों के कार्यों की विस्तृत और गहन समीक्षा की।

PM Awas : अल्प प्रगति वाले अधिकारियों की ली क्लास

सीईओ अभिजीत पाठरे की इस समीक्षा बैठक में अल्प प्रगति वाले ग्राम पंचायतों के सचिव, रोजगार सहायक, और जनपद स्तर के अधिकारी सीधे तौर पर समीक्षा के दायरे में रहे। बैठक का मुख्य फोकस आवास स्वीकृति, निर्माण की वर्तमान स्थिति, जियो टैगिंग की प्रगति, किस्त भुगतान में विलंब और हितग्राहियों को समय पर योजना का लाभ सुनिश्चित करने जैसे अहम बिंदुओं पर रहा। सीईओ ने एक-एक कर सभी जनपदों की रिपोर्ट का कड़ाई से जायजा लिया और धीमी रफ्तार पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।

PM Awas : इन पंचायतों की प्रगति बेहद कमजोर

समीक्षा के दौरान जिन जनपद व ग्राम पंचायतों में पीएम आवास की प्रगति बेहद कमजोर पाई गई, उन्हें सीईओ ने स्पष्ट रूप से चिन्हित किया। इन चिन्हित पंचायतों में मुख्य रूप से जनपद पुसौर से नेटनागर, गुड़ु, कठानी; खरसिया से पतरापाली, नगोई, नंदगांव; रायगढ़ से पतरापाली पूर्व, बनोरा, जुड़ा; लैलूंगा से केसला, गंजपुर, पाकरगांव; घरघोड़ा से नवागढ़, बकचबा, चिमटापानी; तमनार से खुरसलेंगा, डारआमा, चितवानी; और धरमजयगढ़ से सिसरिंगा, सिथरा, कटाईपाली डी शामिल हैं।

PM Awas : “एक सप्ताह में सुधार नहीं तो कार्रवाई तय”

जिला पंचायत सीईओ अभिजीत पाठरे ने बैठक में दो टूक शब्दों में अपनी मंशा साफ कर दी कि कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी सचिवों और रोजगार सहायकों को निर्माण कार्य में तेजी लाने, लंबित मामलों का त्वरित निराकरण करने और फील्ड स्तर पर आवास निर्माण की सतत निगरानी के लिए सख्त निर्देश दिए।

PM Awas : सीईओ ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी अधिकारी-कर्मचारी इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दें और समन्वय, जिम्मेदारी तथा टीम भावना के साथ कार्य करें। यदि एक सप्ताह के भीतर प्रगति में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उन पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि रायगढ़ जिले में कोई भी पात्र हितग्राही आवास से वंचित न रहे।”

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