Sunday, October 4, 2026
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EVM controversy : ‘2004-2009 में जीते तो चुप रहे, 2014 में हारे तो कौ-कौ’ : अमित शाह

EVM controversy : नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर विपक्ष द्वारा लगातार उठाए जा रहे सवालों पर तीखा हमला बोला है। शाह ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने 2014 में हारने की परंपरा शुरू होने के बाद ईवीएम को निशाना बनाना शुरू किया, जबकि यह मशीन खुद कांग्रेस शासनकाल में लाई गई थी। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह जनादेश से हार को स्वीकार न करने का प्रयास है।

EVM controversy : अमित शाह ने ईवीएम के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि 15 मार्च 1989 को जब राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री थे, तभी ईवीएम लाने का प्रावधान किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि जब ईवीएम के खिलाफ याचिका दायर की गई थी, तो सुप्रीम कोर्ट की पाँच जजों की पीठ ने 2002 में इसे उचित ठहराया था। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष न तो राजीव गांधी को मानता है और न ही सुप्रीम कोर्ट को। उन्होंने याद दिलाया कि 1998 में मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली की 16 विधानसभा सीटों पर इसका ट्रायल लिया गया था।'EVM पर सवाल उठाने वालों को शर्म करनी चाहिए', विपक्ष पर राज्यसभा में जमकर  बरसे अमित शाह - India TV Hindi

EVM controversy : गृह मंत्री ने विपक्ष की सुविधा के अनुसार चुप्पी साधने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2004 के लोकसभा चुनाव में, जब देशव्यापी स्तर पर ईवीएम का उपयोग पहली बार हुआ, तो कांग्रेस जीत गई, और उस वक्त ईवीएम की चर्चा बंद हो गई। इसी तरह, 2009 का चुनाव भी कांग्रेस जीत गई और उन्होंने चुप्पी साध ली। लेकिन, 2014 में भाजपा की जीत के बाद से ही ईवीएम के खिलाफ ‘कौ, कौ’ (शोर मचाना) शुरू हो गया, जबकि मशीन और कानून उन्हीं के शासनकाल में आए थे।

EVM controversy : ईवीएम की प्रामाणिकता पर जोर देते हुए शाह ने वीवीपैट (VVPAT) के इस्तेमाल का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पाँच साल के रिसर्च के बाद वीवीपैट को लाया गया और चुनाव आयोग ने पाँच प्रतिशत ईवीएम और वीवीपैट परिणामों की तुलना करने का निर्णय लिया। शाह ने चुनाव आयोग के आँकड़े पेश करते हुए दावा किया कि आज तक 16 हजार वीवीपैट और ईवीएम का मिलान हुआ है, और किसी में एक भी वोट की गड़बड़ी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के बूथ लेवल एजेंट (BLA) मतगणना में मौजूद होते हैं और नतीजों पर हस्ताक्षर करते हैं।

EVM controversy : अमित शाह ने ईवीएम के विरोध के पीछे का असली कारण बताते हुए कहा कि ईवीएम आने के बाद से यूपी और बिहार में उनके जमाने में होने वाली पूरे वोट बक्सों की लूट बंद हो गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने का उनका पुराना, भ्रष्ट तरीका अब काम नहीं करता। वहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि 2001 के बाद से पीएम मोदी ने एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली है, जो जनता के काम के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।

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