नई दिल्ली : पांच दिनों से जारी इंडिगो की उड़ान सेवाओं में भारी अव्यवस्था रविवार को भी थमने का नाम नहीं ले रही है। एयरलाइन ने रविवार को 650 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल कर दीं। इससे पहले शुक्रवार को 1600 और शनिवार को 800 फ्लाइट्स रद्द की गई थीं। इससे लाखों यात्री प्रभावित हुए हैं।
95% रूट पर ऑपरेशन नॉर्मल, फिर भी उड़ानें रद्द
इंडिगो ने दावा किया है कि स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। कंपनी का कहना है कि वह 138 में से 135 डेस्टिनेशन पर उड़ानें ऑपरेट कर रही है।एयरलाइन के मुताबिक—“हमें यात्रियों का भरोसा दोबारा जीतने में समय लगेगा। हमारा लक्ष्य तेजी से सभी ऑपरेशन को पटरी पर लाना है।”
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रविवार को 650+ फ्लाइट कैंसिल
रविवार को जिन रूटों पर फ्लाइट्स रद्द हुईं, उनमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, जयपुर, भोपाल, हैदराबाद और त्रिची प्रमुख हैं।एयरपोर्ट्स पर हजारों यात्री अब भी फंसे हुए हैं।
DGCA का कारण बताओ नोटिस
डीजीसीए ने इंडिगो के अकाउंटेबल मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में लिखा है—
• 24 घंटे में बताएं कि कुप्रबंधन के लिए कार्रवाई क्यों न की जाए
• समय पर जवाब न देने पर DGCA एकतरफा निर्णय करेगा
• नियम उल्लंघन साबित होने पर कड़ी कार्रवाई संभव
इंडिगो बोर्ड ने बनाया Crisis Management Group (CMG)
फ्लाइट संकट बढ़ने के बाद इंडिगो बोर्ड की आपात बैठक हुई।
इसमें Crisis Management Group बनाया गया, जिसमें शामिल हैं—
- चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता
- ग्रेग सारेत्स्की
- माइक व्हिटेकर
- अमिताभ कांत
- CEO पीटर एल्बर्स
यह समूह संकट को संभालने और अगले कदमों की रणनीति तैयार करेगा।
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सरकार का सख्त रुख
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो को कड़ा अल्टीमेटम दिया है—
- 48 घंटे में सभी यात्रियों का रुका सामान घर पहुंचाएं
- किसी भी प्रकार की देरी का पूरा रिफंड 7 दिसंबर तक देना होगा
यात्रियों का शोषण रोकने के लिए सरकार ने किराए की सीमा भी तय की—
- 500 किमी तक — ₹7,500
- 500–1000 किमी — ₹12,000
- अधिकतम सीमा — ₹18,000
(बिजनेस क्लास पर लागू नहीं)
एयरपोर्ट्स पर अफरा–तफरी
लगातार फ्लाइट कैंसिल होने से एयरपोर्ट्स पर भारी भीड़ है।जानकारी है कि संसद की परिवहन–पर्यटन समिति DGCA और निजी एयरलाइंस के अधिकारियों को तलब कर सकती है।













