इंदौर: मंगलवार को स्टेट GST विभाग ने पेस्टिसाइड उद्योग से जुड़े बड़े कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई की। संजय अग्रवाल के संजना पार्क स्थित निवास और उनकी पांच कंपनियों—नर्मदा ट्रेडर्स, ग्रो रिच एग्रोटेक, सुशील कॉर्पोरेशन सहित अन्य—के ऑफिसों पर छापेमारी कर दस्तावेजों की गहन जांच की गई।
एक साथ कई ठिकानों पर कार्रवाई
GST विभाग की टीमों ने बिचौली मर्दाना और संजना पार्क में अलग-अलग ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड कब्जे में लिए। अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से इन कंपनियों पर निगरानी थी क्योंकि करोड़ों की टैक्स चोरी की आशंका थी।
बंगले की घेराबंदी और मोबाइल जब्त
छापे की शुरुआत में अधिकारियों ने संजना पार्क बंगले में मौजूद सभी लोगों की आवाजाही रोक दी और परिवार के मोबाइल जमा कर लिए। इस दौरान डिजिटल रिकॉर्ड, इनवॉइस, बिल और अन्य लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की सील्ड जांच शुरू कर दी गई।
बैंक खातों और लेन-देन की गहन जांच
GST टीमों ने सभी कंपनियों के बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजैक्शन हिस्ट्री, GST रिटर्न और प्रोडक्शन रिकॉर्ड की भी विस्तृत जांच की। अधिकारियों ने पेस्टिसाइड उत्पादन, सप्लाई पैटर्न और कंपनियों के कारोबार के हर पहलू पर डेटा जुटाया।
लाखों की GST चोरी का संदेह
प्रारंभिक जांच में विभाग को लाखों रुपए की GST चोरी का शक हुआ। कई बिल और दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि कुछ GST गलत तरीके से एडजस्ट किए गए थे, जिससे टैक्स चोरी की आशंका और मजबूत हुई।











