नई दिल्ली : संचार साथी ऐप को लेकर शुरू हुए विवाद के बीच केंद्र सरकार ने इसका उद्देश्य और उपयोगिता स्पष्ट कर दी है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को कहा कि विपक्ष इस ऐप को लेकर जनता को भ्रमित कर रहा है, जबकि हकीकत यह है कि ऐप पूरी तरह ऑप्शनल है और इसे किसी भी समय मोबाइल से हटाया जा सकता है।
‘ऐप पूरी तरह ऑप्शनल, जासूसी का कोई सवाल नहीं’
सिंधिया ने कहा कि संचार साथी ऐप न तो किसी की निगरानी करता है और न ही कॉल या मैसेज मॉनिटर करने में सक्षम है। इसे सिर्फ उपभोक्ता सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।मंत्री ने बताया कि उपयोगकर्ता इसे अपनी इच्छा से डाउनलोड, एक्टिव या डिलीट कर सकते हैं।
#WATCH | Delhi | On the debate around Sanchar Saathi app, Union Minister for Communications Jyotiraditya Scindia says, “When the opposition has no issues, and they are trying to find some, we cannot help them. Our duty is to help the consumers and ensure their safety. The Sanchar… https://t.co/Kr3juNrGFq pic.twitter.com/npwm9R1Kf2
— ANI (@ANI) December 2, 2025
विपक्ष के आरोप
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने इसे नागरिकों की प्राइवेसी में हस्तक्षेप बताते हुए सरकार को घेरा था। विपक्ष का आरोप था कि यह ऐप लोगों पर ‘निगरानी’ का उपकरण बन सकता है और सुप्रीम कोर्ट के पुट्टास्वामी जजमेंट (2017) का उल्लंघन करता है।
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ऐप के जरिए कितने मामले सुलझे?
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ऐप के प्रभाव को बताते हुए कहा:
- 1.75 करोड़ फर्जी मोबाइल कनेक्शन बंद
- 20 लाख चोरी हुए मोबाइल का लोकेशन ट्रैक
- 7.5 लाख फोन वापस उपभोक्ताओं को मिले
- 1.5 करोड़ ऐप डाउनलोड
- 20 करोड़+ वेबसाइट विजिट
सरकार के मुताबिक, इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि संचार साथी धोखाधड़ी रोकने और यूजर्स को सशक्त बनाने में मदद कर रहा है।
निर्देश पर विवाद क्यों बढ़ा?
दूरसंचार विभाग ने 28 नवंबर को मोबाइल निर्माताओं को निर्देश दिया था कि अगले 90 दिनों में सभी नए फोन में संचार साथी ऐप प्री-इंस्टॉल होना चाहिए।यही बिंदु विपक्ष और प्राइवेसी एक्टिविस्टों के विरोध की वजह बना।
हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया कि:
- प्री-इंस्टॉल होने के बावजूद ऐप को हटाया जा सकता है
- ऐप बिना अनुमति किसी भी डेटा तक एक्सेस नहीं लेता
- यह सिर्फ सुरक्षा और फ्रॉड रिपोर्टिंग का माध्यम है
क्या है संचार साथी ऐप?
यह ऐप दूरसंचार विभाग (DoT) की पहल है, जिसका उद्देश्य है:
- नकली/फर्जी कनेक्शन की पहचान
- चोरी हुए फोन की लोकेशन ट्रैक
- साइबर फ्रॉड की शिकायत
- मोबाइल और सिम-संबंधी सर्विसेज की पारदर्शिता बढ़ाना
सरकार का दावा है कि यह नागरिकों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने का एक शक्तिशाली उपकरण है।









