Karnataka Political Crisis : कांग्रेस में कर्नाटक का ‘CM पावर गेम’! सिद्धारमैया–DK शिवकुमार के नाश्ते की टेबल पर सुलझेगी गुत्थी?

नई दिल्ली : कर्नाटक की सियासत में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सुर्खियों में है। सत्ता के शीर्ष पद पर संभावित बदलाव की अटकलों के बीच शनिवार का दिन बेहद अहम साबित हुआ, जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बेंगलुरु में नाश्ते की बैठक की। पार्टी हाईकमान के संकेत पर आयोजित इस मुलाकात को प्रदेश कांग्रेस में लंबे समय से चल रही नेतृत्व की खींचतान को शांत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

बैठक के बाद सिद्धारमैया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि उनके और शिवकुमार के बीच किसी भी तरह का मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारे बीच अच्छी बातचीत हुई। भविष्य में भी हमारे बीच कोई विवाद नहीं होगा। यह मुलाकात सिर्फ कन्फ्यूजन दूर करने के लिए की गई थी। हमने 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा की है।”

Read More : C.G Crime : फेसबुक पर नामी हस्तियों के AI वीडियो के जरिए हो रही ठगी, फेसबुक को पुलिस नोटिस जारी

सिद्धारमैया ने कहा कि पार्टी के भीतर हर फैसला हाईकमान करेगा और राज्य नेतृत्व उसी दिशा में कार्य करेगा। उन्होंने दावा किया कि विधायकों में असंतोष जैसी कोई बात नहीं है, बल्कि सभी नेता पार्टी के निर्णयों के साथ हैं।

दिल्ली में हुए पुराने ‘वादे’ की याद दिला सकते हैं शिवकुमार
सूत्रों के अनुसार, नाश्ते की बैठक के दौरान शिवकुमार ने सिद्धारमैया को मई 2023 में सरकार गठन के समय हुए कथित ‘समझौते’ की याद दिलाई। माना जाता है कि दोनों नेताओं के बीच ढाई-ढाई साल का पावर-शेयरिंग फॉर्मूला तय हुआ था। इसी समझौते के तहत सिद्धारमैया पहले ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बने थे और बाकी कार्यकाल में शिवकुमार को पद सौंपे जाने की बात कही गई थी।

Read More : CM मोहन यादव के बेटे डॉक्टर अभिमन्यु की शादी की रस्में शुरू, कल उज्जैन में बंधेंगे सात फेरे

20 नवंबर को सिद्धारमैया सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद से ही यह मुद्दा फिर सक्रिय हो गया है। शिवकुमार समर्थक लगातार उन्हें अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठा रहे हैं। ऐसे में इस बैठक के बाद शिवकुमार का दिल्ली जाने का फैसला भी राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है।

क्या नेतृत्व बदलाव संभव?
कर्नाटक कांग्रेस के भीतर असल चुनौती हाईकमान के फैसले को संतुलित तरीके से लागू करना है। सिद्धारमैया सरकार अभी भी लोकप्रिय कार्यक्रमों पर काम कर रही है, वहीं शिवकुमार की अपनी मजबूत पकड़ और संगठनात्मक क्षमता उन्हें सीधे मुकाबले में खड़ा करती है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हाईकमान तत्काल कोई बड़ा निर्णय नहीं लेगा, लेकिन सियासी परदे के पीछे गहन मंथन जारी है। पार्टी नहीं चाहती कि सत्ता संघर्ष की छवि बने, खासकर 2028 के चुनाव को देखते हुए।

अब सबकी नजर दिल्ली पर
नाश्ते की बैठक के बाद जहां सिद्धारमैया ने एकजुटता का संदेश दिया, वहीं शिवकुमार के दिल्ली जाने की तैयारी संकेत देती है कि मामला अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है। आने वाले दिनों में हाईकमान की ओर से लिए जाने वाले फैसले से यह तय होगा कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन होगा या नहीं।

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Related Articles

Popular Categories