जगदलपुर : दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (Dandakaranya Special Zonal Committee) ने आंध्रप्रदेश के मुठभेड़ को लेकर बड़ा दावा किया है। संगठन के प्रवक्ता विकल्प (Vikalp) द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि हाल ही में हुई मुठभेड़, जिसमें माओवादी लीडर हिड़मा (Hidma) समेत 13 नक्सली मारे गए थे, वह पुलिस द्वारा किया गया “फर्जी एनकाउंटर” है।
संगठन ने इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और इसके विरोध में 30 नवंबर को छत्तीसगढ़ बंद का ऐलान किया है। इस बंद को लेकर बस्तर संभाग और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है।
नक्सलियों का आरोप: कानून का पालन नहीं किया गया
प्रवक्ता विकल्प ने प्रेस नोट में दावा किया है कि इस कार्रवाई में “कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया” और मुठभेड़ के नाम पर “निर्दोष लोगों की हत्या” की गई है। संगठन का कहना है कि घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए और पुलिस को पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए।
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यह पहली बार नहीं है जब नक्सली संगठन सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर सवाल उठाते रहे हैं। हिड़मा की मौत को लेकर भी स्थानीय क्षेत्रों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। हालांकि सरकारी एजेंसियों ने इस ऑपरेशन को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता बताया था।
कई गिरफ्तारियों को छुपाने का भी आरोप
प्रेस नोट में माओवादी संगठन ने यह भी दावा किया है कि पुलिस ने हाल में उनके वरिष्ठ लीडर देवजी (Devji) को गिरफ्तार किया है, लेकिन इस गिरफ्तारी को सार्वजनिक नहीं किया गया है। संगठन के अनुसार, “करीब 50 माओवादियों को गुप्त स्थानों पर रखा गया है और उन्हें कोर्ट में पेश नहीं किया गया।”
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, और पुलिस की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
30 नवंबर को बंद: प्रशासन सतर्क
घटना के विरोध में नक्सलियों द्वारा 30 नवंबर को छत्तीसगढ़ बंद का ऐलान किया गया है। पिछले अनुभवों के आधार पर नक्सली बंद के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों—विशेषकर सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर—में सुरक्षा बढ़ाई जाती है।
अधिकारियों के अनुसार, बसों की आवाजाही, ग्रामीण यातायात और बाजारों पर इसके प्रभाव की आशंका रहती है। प्रशासन ने कहा है कि सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और जवानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
सुरक्षाबलों का रुख
आधिकारिक एजेंसियों ने पहले बयान में इस मुठभेड़ को “सटीक इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन” बताया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिड़मा की मौत नक्सल फ्रेमवर्क के लिए “बड़ा झटका” मानी जा रही है। हालांकि ताजा आरोपों पर अभी कोई नई प्रतिक्रिया नहीं आई है।













