Saturday, September 19, 2026
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Burhanpur Hakimi Hospital Case : हकीमी अस्पताल’ बना ‘मौत का घर – ऑपरेशन टेबल पर महिला की संदिग्ध मौत से हड़कंप…

Burhanpur Hakimi Hospital Case
Burhanpur Hakimi Hospital Case

Burhanpur Hakimi Hospital Case : बुरहानपुर। लालबाग रोड स्थित हकीमी अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है। जैनाबाद निवासी महिला की गर्भाशय ऑपरेशन के दौरान हुई संदिग्ध मौत के बाद अब कई और पीड़ित खुलकर सामने आ गए हैं। अस्पताल पर गलत उपचार, गंभीर लापरवाही और मरीजों की जान से खिलवाड़ करने के आरोप तेज हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और नेपानगर विधायक मंजू दादू ने कलेक्टर से मुलाकात कर सख्त कार्रवाई और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

Burhanpur Hakimi Hospital Case : कलेक्टर ने गठित की जांच समिति

घटना के बाद सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और विधायक मंजू दादू ने कलेक्टर से मिलकर पूरे प्रकरण की गहन जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग रखी। कलेक्टर ने तत्काल एक विशेष जांच समिति का गठन कर मामले की तह तक जाने के निर्देश दिए हैं।

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अन्य पीड़ितों का दर्द— अस्पताल के खिलाफ खुलकर लगाए आरोप

महिला की मौत के बाद अब कई अन्य पीड़ित परिवार भी सामने आए हैं। इन लोगों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अस्पताल को बंद करने और डॉक्टरों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

डॉ. रेहाना बोहरा का दावा — “कोई लापरवाही नहीं हुई”

हकीमी अस्पताल की संचालक डॉ. रेहाना बोहरा ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कहा है कि उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई।

ये हैं मुख्य मामले — एक के बाद एक दिल दहला देने वाले आरोप

गर्भाशय ऑपरेशन के दौरान मौत — वैष्णवी चौहान का मामला (11 नवंबर)

जैनाबाद की वैष्णवी चौहान की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई। परिवार का आरोप है—
“डॉक्टर हर बार अलग कहानी बता रहे थे… कभी अटैक बताया, कभी फेफड़ों में पानी कहा।”
परिजन अस्पताल सील करने की मांग कर रहे हैं।

 गलत ऑपरेशन के कारण पैर काटना पड़ा (2016 का मामला)

सिरपुर निवासी कैलाश महादेव ने बताया कि गलत ऑपरेशन के कारण नस कट गई और उनका पैर काटना पड़ा। मामला भोपाल उपभोक्ता फोरम में चल रहा है।
“5 एकड़ जमीन बिक गई, सब खत्म हो गया,” — कैलाश महादेव।

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ऑपरेशन किए बिना रेफर, रास्ते में मौत — अशोक तालमपुरे (2021)

महेश तालमपुरे ने बताया—
“भाई के पैर की हड्डी टूटी थी, लेकिन डॉक्टरों ने ऑपरेशन ही नहीं किया और बिना ऑक्सीजन वाली एम्बुलेंस से रेफर कर दिया। जलगांव जाते समय मौत हो गई।”

 एक्सीडेंट के बाद भर्ती शिक्षक की ऑपरेशन के दौरान मौत

ग्राम बंभाड़ा की जनाबाई राउत ने बताया—
“पति शिक्षण संस्थान में टीचर थे, मामूली चोट थी। डॉक्टरों ने पहले कहा सब ठीक है… ऑपरेशन के दौरान अचानक क्या हुआ, कोई नहीं बताया। आयुष्मान कार्ड से 25,000 भी निकाल लिए।”

स्थानीय प्रतिनिधियों की मांग — “अस्पताल की कार्यप्रणाली की हो कड़ी जांच”

लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब यह मामला बड़ा रूप ले चुका है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पीड़ितों को इंसाफ मिलना चाहिए और अस्पताल की कार्यप्रणाली की गहन जांच आवश्यक है।

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