Bihar Cabinet : पटना: बिहार में नीतीश कुमार सरकार के मंत्रियों ने गुरुवार को शपथ ले ली है, लेकिन इस मंत्रिमंडल विस्तार में कई प्रमुख नेताओं का मंत्री बनने का सपना टूट गया है। जहाँ ज्यादातर पुराने मंत्रियों को बरकरार रखा गया है, वहीं पिछली सरकार का हिस्सा रहे कई चेहरे और मजबूत दावेदार इस बार मंत्रिमंडल में जगह नहीं बना पाए।
मंत्रिमंडल में जगह नहीं बना पाए ये प्रमुख चेहरे
1. जीवेश कुमार (BJP)
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पृष्ठभूमि: दरभंगा के जाले से तीसरी बार विधायक बने हैं।
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पिछला पद: पिछली नीतीश सरकार में श्रम संसाधन और सूचना प्रावैद्यिकी विभाग के मंत्री थे।
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वर्तमान स्थिति: उन्हें पूरी उम्मीद थी कि इस बार भी उन्हें मंत्री बनाया जाएगा, लेकिन नए मंत्रिमंडल में उन्हें जगह नहीं मिली, जिससे उन्हें मायूसी हाथ लगी है।
Bihar Cabinet : 2. राजू तिवारी (LJP रामविलास)
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पृष्ठभूमि: लोजपा (रामविलास) सुप्रीमो चिराग पासवान के खास नेताओं में से एक हैं। चिराग ने इनके लिए बीजेपी की जीती हुई गोविंदगंज सीट ली थी।
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वर्तमान स्थिति: मीडिया में इनके मंत्री बनने की चर्चा तेज थी। हालांकि, जैसे ही उन्हें लोजपा (रामविलास) के विधायक दल का नेता बनाया गया, यह लगभग तय हो गया था कि अब वह मंत्री नहीं बनेंगे, और यही हुआ।
3. मैथिली ठाकुर (BJP)
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पृष्ठभूमि: लोकगीत गायिका, जिन्होंने पहली बार बीजेपी के टिकट पर दरभंगा के अलीनगर से जीत हासिल की है।
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वर्तमान स्थिति: चर्चा थी कि उन्हें बिहार सरकार की सबसे युवा मंत्री का खिताब मिल सकता है। लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें जगह नहीं मिली।
4. कृष्ण कुमार ऋषि (BJP)
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पृष्ठभूमि: बनमनखी से बीजेपी के विधायक हैं और नीतीश कुमार की 2020 कैबिनेट का हिस्सा थे।
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वर्तमान स्थिति: इस बार भी जीत हासिल करने के बावजूद, उन्हें कैबिनेट में दोबारा शामिल नहीं किया गया, जिससे वह मायूस रहे।
प्रेम कुमार को मिली बड़ी जिम्मेदारी
वहीं, बीजेपी के गया शहर से 9 बार के विधायक और पूर्व मंत्री प्रेम कुमार का नाम भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल था, लेकिन उन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, प्रेम कुमार के लिए इससे भी बड़ी जिम्मेदारी इंतजार कर रही है। प्रेम कुमार बिहार विधानसभा के नए स्पीकर यानी अध्यक्ष होंगे। यह पद उन्हें मंत्री पद से भी बड़ी राजनीतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी प्रदान करेगा।












