Sunday, August 16, 2026
Home International Pakistan News : शहबाज शरीफ सरकार का मुनीर के सामने सरेंडर! न्‍यूक्‍ल‍ियर...

Pakistan News : शहबाज शरीफ सरकार का मुनीर के सामने सरेंडर! न्‍यूक्‍ल‍ियर बटन से लेकर अटैक का ‘फैसला’ सब होगा ‘तानाशाह’ की मुट्ठी में

0
203
shahbaz sharif and asim
shahbaz sharif and asim

Pakistan News/लाहौर : पड़ोसी देश पाकिस्तान एक बार फिर राजनीतिक हलचल के दौर से गुजर रहा है।दरसल अब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पुष्टि की है कि उनकी सरकार जल्द ही संसद में 27वां संविधान संशोधन पेश करेगी। इस संशोधन के जरिए पाक सेना को और अधिक शक्तियां देने की तैयारी है।

इस बाबत आलोचकों का कहना है कि इस कदम से इस देश में सेना की पकड़ और मजबूत हो जाएगी और जनरल आसिम मुनीर का प्रभाव भी इससे बढ़ सकता है। इस प्रस्ताव पर चर्चा तब शुरू हुई जब पीपीपी प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी ने ट्वीट किया कि सरकार ने संशोधन के समर्थन के लिए उनसे संपर्क किया है।

Read More : Maulana on Pakistani TV shows : मौलाना कारी इस्हाक़ का विवादित बयान, बोले-सास-बहू के सीरियलों ने बिगाड़ा घरेलू माहौल, करें तौबा

आसिफ मुनीर के सामने सरेंडर
वहीं, इस बाबत उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने सीनेट में कहा कि सरकार 27वां संशोधन लाने जा रही है और इसे संविधान के दायरे में लागू किया जाएगा। ऐसे में अब अगर पाकिस्तान की सरकार संविधान के इस आर्टिकल में ही खुद से बदलाव करना चाहती है तो इसका साफ़ मतलब होगा कि वह अब आर्मी पर से वो अपना कंट्रोल कम करना चाह रही है। इसलिए इसे पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिफ मुनीर के सामने जैसे साफ़ सरेंडर माना जा रहा है।

मामले पर मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, संशोधन में संविधान के अनुच्छेद 243 में बदलाव शामिल है, जो सेना प्रमुख की नियुक्ति और सशस्त्र बलों की कमान से जुड़ा है। इसके साथ ही संवैधानिक न्यायालयों की स्थापना, मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया, और प्रांतीय हिस्सेदारी में कटौती जैसे प्रस्ताव भी इसमें शामिल हैं।

Read More : Pakistan-Saudi Defence Agreement : पाकिस्तान-सऊदी रक्षा समझौता : भारत संग जंग की स्थिति पर आसिफ का बड़ा दावा

क्या है मामला
मामले पर खुद राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह संशोधन पाकिस्तान में लोकतंत्र पर सेना की पकड़ को और गहरा कर सकता है। प्रस्ताव में कथित तौर पर संवैधानिक न्यायालयों की स्थापना, मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना, कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की बहाली और न्यायाधीशों के स्थानांतरण का मामला भी शामिल था।

असीम मुनीर होंगे सरकार और सरकार से भी बड़े
आलोचकों का यह भी मानना है कि इस संशोधन के बाद जनरल असीम मुनीर पूरी तरह खुद को सुरक्ष‍ित कर लेंगे। वहीं क‍िसी भी नई सरकार के आने जाने से उन पर कोई भी ख़ास असर नहीं होगा। उन्‍हें स्‍ट्रेटज‍िक, सिक्‍योरिटी और डेवलपमेंट से जुड़े अहम फैसलों में कानूनी अध‍िकार मिल जाएंगे, जिससे वे प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बराबर ही प्रभावशाली मानें जाएंगे। आलोचक अब यह भी मान रहे हैं कि 2022 से चल रहे सिविल-मिलिटरी यूनिटी मॉडल को अब औपचारिक संवैधानिक दर्जा भी मिलने वाला है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here