Bilaspur Train accident : बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रेल व्यवस्था को लेकर फिर लापरवाही देखने को मिली है। दो दिन पहले हुए भीषण ट्रेन हादसे के बाद गुरुवार को एक ही ट्रैक पर तीन ट्रेनें आ गईं। घटना कोटमीसोनार और जयरामनगर स्टेशन के बीच की बताई जा रही है, जहां मेमू लोकल ट्रेन के आगे और पीछे दो मालगाड़ियां खड़ी हो गईं। अचानक ट्रेनों को रोक दिया गया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग सुरक्षा के डर से ट्रेन से नीचे उतर आए।
Bilaspur Train accident : जानकारी के बाद रेलवे अधिकारियों ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित किया और ट्रैक पर अन्य ट्रेनों की आवाजाही रोक दी। हालांकि रेलवे प्रशासन ने इस घटना को रूटीन प्रक्रिया बताया है। अफसरों का कहना है कि ऑटो सिग्नल सिस्टम के तहत एक रूट पर एक से अधिक ट्रेनें चल सकती हैं, लेकिन हाल ही में हुए हादसे के बाद यात्री दहशत में आ गए और ट्रेन से उतर गए।
Bilaspur Train accident : दो दिन पहले, 4 नवंबर को बिलासपुर के लालखदान-गतौरा के बीच गेवरा रोड मेमू लोकल ट्रेन (68733) और मालगाड़ी की टक्कर में 11 लोगों की मौत और 20 लोग घायल हो गए थे। जांच में सामने आया कि मेमू ट्रेन ने खतरे का सिग्नल पार किया, जिसके चलते यह हादसा हुआ। ट्रेन 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी और लोको पायलट ने सामने मालगाड़ी देखकर ब्रेक लगाया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
Bilaspur Train accident : इस हादसे में लोको पायलट विद्या सागर की मौत हो गई, जबकि सहायक लोको पायलट रश्मि राज गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज अपोलो अस्पताल में चल रहा है। हादसे की जांच कमिशन ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) कर रहा है, जिसमें सिग्नल, ट्रैफिक, ऑपरेशन और इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
Bilaspur Train accident : रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता राशि दी है। बुधवार देर रात तक रेलवे अधिकारियों ने 9.50 लाख रुपये के चेक परिजनों को सौंपे। राज्य सरकार की ओर से सहायता राशि के चेक भी तैयार किए जा चुके हैं और आज से परिजनों को दिए जा रहे हैं।











