SIR Verification Chhattisgarh : रायपुर। छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र के आधार स्तंभ — मतदाता सूची — को और सटीक बनाने के लिए आज 4 नवंबर से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हो गई है। बिहार मॉडल पर आधारित यह बड़ा अभियान अगले एक महीने तक, यानी 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान राज्य के 27,199 बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करेंगे और नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे।
SIR Verification Chhattisgarh : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) यशवंत कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस प्रक्रिया में 90 से 94 प्रतिशत मतदाताओं का डेटा पहले से उपलब्ध है। केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की आवश्यकता पड़ेगी। 2003 के SIR में जिनका नाम शामिल है, उन्हें दोबारा दस्तावेज नहीं देने होंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य में पहले ही 71 प्रतिशत मतदाताओं का मिलान पूरा हो चुका है, जो एन्यूमरेशन फेज़ के अंत तक 94 से 95 प्रतिशत तक पहुँच जाएगा। विशेष रूप से विवाहित महिलाओं और स्थानांतरित मतदाताओं का मिलान इस बार प्राथमिकता से किया जा रहा है।
CEO ने कहा कि BLO अब कॉल रिक्वेस्ट फीचर के माध्यम से मतदाताओं की समस्याएं हल करेंगे। साथ ही राजनीतिक दलों से आग्रह किया गया है कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) के माध्यम से सहयोग करें, ताकि छूटे हुए नागरिकों को जोड़ा जा सके और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें।
सत्यापन की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
मतदाताओं को अपनी पहचान की पुष्टि के लिए कुछ विशेष दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, जिनमें शामिल हैं —
पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र, मेट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार पत्र, जाति प्रमाणपत्र (OBC/SC/ST), परिवार रजिस्टर, सरकारी नौकरी या पेंशन से संबंधित पहचान पत्र, तथा NRC या आधार से जुड़े प्रमाण पत्र (जहाँ लागू)।
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प्रमुख तिथियाँ
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मतदाता सत्यापन अवधि: 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025
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मसौदा मतदाता सूची प्रकाशन: 9 दिसंबर 2025
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दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की अंतिम तिथि: 8 जनवरी 2026
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अंतिम मतदाता सूची जारी होगी: 7 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ में 2.11 करोड़ मतदाता
1 जनवरी 2025 की स्थिति के अनुसार, प्रदेश में कुल 2 करोड़ 11 लाख 5 हजार 391 मतदाता हैं —
1 करोड़ 4 लाख 27 हजार 842 पुरुष,
1 करोड़ 6 लाख 76 हजार 821 महिलाएँ,
और 728 तृतीय लिंग मतदाता।
राज्य में लिंगानुपात 1024 है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है।
घर-घर पहुँचेगा लोकतंत्र
SIR अभियान के तहत प्रत्येक BLO हर घर में जाकर गणना प्रपत्र (Form) भरवाएगा, जिसमें मतदाता की व्यक्तिगत जानकारी और पात्रता की पुष्टि होगी। आयोग का लक्ष्य है कि इस बार की मतदाता सूची 100% त्रुटिरहित और अपडेटेड हो।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा —
“हम चाहते हैं कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में हो। यह प्रक्रिया केवल तकनीकी नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को मजबूत करने वाली पहल है।”
सहायता और शिकायत
यदि किसी मतदाता को सत्यापन प्रक्रिया में कोई कठिनाई आती है, तो वे हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल करके सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
यह अभियान आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तैयारी में एक निर्णायक कदम साबित होगा, जिससे छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची और अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।
छत्तीसगढ़ में 2.80 करोड़ वोटरों को गणना प्रपत्र फॉर्म भरना होगा। 95% लोगों को दस्तावेज नहीं दिखाने होंगे। करीब 30 हजार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यह प्रक्रिया राज्य में लोकतंत्र की सटीकता और पारदर्शिता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
SIR क्या है?
SIR यानी Special Intensive Revision (विशेष गहन पुनरीक्षण)
यह एक मतदाता सत्यापन अभियान होता है, जिसमें हर साल या कुछ सालों में एक बार, निर्वाचन आयोग पूरे राज्य की मतदाता सूची का गहन निरीक्षण कराता है।
इस दौरान:
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हर BLO (Booth Level Officer) आपके घर आता है।
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वह यह जांचता है कि आपके परिवार के सभी सदस्य, जो 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं, उनका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं।
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अगर किसी का नाम छूटा हुआ है तो उसे जोड़ा जाता है।
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अगर कोई व्यक्ति अब उस क्षेत्र में नहीं रहता या उसका निधन हो गया है, तो उसका नाम हटाया जाता है।
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पहले से दर्ज नाम, पते, उम्र या अन्य विवरण में गलती है तो उसे सुधारा जाता है।
SIR का उद्देश्य
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हर पात्र नागरिक को मताधिकार दिलाना
यानी कोई भी 18 साल से ऊपर नागरिक वोटर लिस्ट से वंचित न रहे। -
डुप्लीकेट नाम हटाना — कई बार एक ही व्यक्ति का नाम दो जगह होता है।
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मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना।
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नई मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना।
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वोटर लिस्ट को डिजिटल रूप से और सटीक बनाना।
प्रक्रिया कैसे चलती है?
मतदाता सत्यापन (House to House Verification)
BLO हर घर जाकर नागरिकों से जानकारी लेता है।
मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित (Draft Publication)
एक ड्राफ्ट लिस्ट सार्वजनिक की जाती है ताकि लोग देख सकें कि उनका नाम है या नहीं।
दावे और आपत्तियाँ (Claims & Objections)
अगर किसी को गलती दिखती है या नाम नहीं है, तो वह आपत्ति दर्ज कर सकता है।
अंतिम मतदाता सूची (Final Roll)
सभी दावों के बाद अंतिम सूची प्रकाशित होती है — यही चुनाव में इस्तेमाल होती है।











