सिंगरौली। समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय क्षत्रिय कुलावंत संगठन ने फिर एक बार मानवता का परिचय दिया है। माड़ा क्षेत्र में भालू के हमले से गंभीर रूप से घायल महिला से संगठन के पदाधिकारी मिलने अस्पताल पहुँचे और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
संगठन की पहल पर वन विभाग से ₹50,000 की आर्थिक सहायता स्वीकृत कराई गई। साथ ही संगठन के माड़ा तहसील अध्यक्ष सत्यम सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि यदि घायल महिला को रक्त की आवश्यकता होती है तो वे स्वयं रक्तदान करेंगे।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, मीरा देवी विश्वकर्मा (52 वर्ष) पति रामदेव विश्वकर्मा, निवासी ग्राम असनी थाना माड़ा, सुबह नित्य कार्य के लिए घर से निकली थीं। तभी अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया। महिला के चेहरे, आंख, नाक और बाजू पर गंभीर चोटें आईं।
परिजनों और ग्रामीणों ने शोर मचाया, जिसके बाद भालू भाग गया। घायल महिला को ग्रामीणों और वन विभाग की मदद से तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अभी नाजुक बनी हुई है।
“जंगली जानवरों के आतंक पर लगे रोक” – अंकित सिंह
संगठन के संस्थापक अंकित सिंह ने कहा कि क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि ग्राम सभाओं, नुक्कड़ नाटकों और जनजागरण अभियानों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जाए, साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि ग्रामीण अंचल में एक आपातकालीन एंबुलेंस सेवा तत्काल उपलब्ध कराई जाए ताकि ऐसे हादसों में त्वरित सहायता मिल सके।
“घायल को तुरंत अस्पताल पहुँचाएगा संगठन” – सतेंद्र सिंह
संगठन के उपाध्यक्ष सतेंद्र सिंह ने कहा कि कोई भी व्यक्ति यदि जंगली जानवर के हमले या सड़क दुर्घटना में घायल होता है, तो तत्काल संगठन से संपर्क करे। “क्षत्रिय कुलावंत परिवार” हर घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुँचाने की जिम्मेदारी निभाएगा।
लगातार बढ़ रहे जंगली हमले, जागरूकता जरूरी
संगठन के माड़ा तहसील अध्यक्ष सत्यम सिंह ने बताया कि बीते एक वर्ष में क्षेत्र में भालू, सियार और अन्य जंगली जानवरों के हमलों में 30 से 40 लोग घायल हो चुके हैं। कुछ दिन पहले कोयलखुथ क्षेत्र में जंगली सियार ने 8 से 10 लोगों को घायल किया था।
वहीं जिला उपाध्यक्ष विकेश सिंह ने कहा कि “जागरूकता ही हमारी सुरक्षा की पहली सीढ़ी है।” ग्रामीणों को रात में अलाव जलाकर रखने, समूह में जंगल जाने और घरों में शौचालय का उपयोग करने की सलाह दी गई।
इस दौरान संगठन के अंकित सिंह, सतेंद्र सिंह, विकेश सिंह, सत्यम सिंह, आलोक सिंह, यश सिंह सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।













