CG NEWS : रायपुर : धान खरीदी में अनियमितता पाए जाने पर कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट निर्देश दिए। तीन दिन चलने वाले इस कार्यक्रम के पहले दिन प्रदेश के सभी कलेक्टर, संभागायुक्त और सचिव शामिल हुए। बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था, जनसेवा की गुणवत्ता और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
CG NEWS : पहले दिन खाद्य विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने धान खरीदी की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित जिले के कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। प्रभारी सचिवों को केंद्रों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का एक-एक दाना धान सरकार खरीदेगी।
CG NEWS : किसान पोर्टल में सभी किसानों का पंजीयन समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। धीमी प्रगति वाले जिलों से आगे की कार्ययोजना की जानकारी ली गई और जहां नेटवर्क की समस्या है वहां विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूरी पारदर्शिता और सुगमता के साथ धान खरीदी की व्यवस्था की जाए और संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए।
CG NEWS : बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी पात्र किसान योजना से वंचित न रहे और सभी पात्र किसानों का पंजीयन और लाभ वितरण समय पर सुनिश्चित किया जाए।
CG NEWS : स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को स्वास्थ्य योजनाओं की नियमित निगरानी करने और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी अस्पतालों में शत-प्रतिशत प्रसव सुनिश्चित करने, टीकाकरण सत्र समय पर आयोजित करने और फील्ड वेरिफिकेशन में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। एनआरसी केंद्रों का प्रभावी संचालन और माताओं-बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देने को भी कहा गया।
CG NEWS : बस्तर संभाग में मलेरिया के हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने और वेलनेस सेंटरों के माध्यम से गैर-संचारी रोगों (NCDs) के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बात कही गई।
CG NEWS : कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस तीन दिन तक चलेगी। दूसरे दिन पुलिस कप्तानों के कार्यों की समीक्षा और दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। तीसरे दिन यानी 14 अक्टूबर को “गुड गवर्नेंस समिट” का आयोजन होगा, जिसमें शासन में पारदर्शिता, नीतिगत सुधार और प्रशासनिक दक्षता पर चर्चा होगी।
सरकार का उद्देश्य है कि सभी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे और प्रशासनिक कार्यवाही में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।













